लोहाघाट के दूरस्थ कायल गांव से मरीज को डोली में लाते ग्रामीण।
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लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे कायल गांव में सड़क की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को एक व्यक्ति की एकाएक तबियत बिगड़ गई। ग्रामीण मरीज को डोली में बैठाकर सड़क तक लाए। यहां से वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्राम प्रधान जोगा राम ने बताया कि शनिवार को मान सिंह (35) का स्वास्थ्य एकाएक बिगड़ गया। उल्टी-दस्त से पीड़ित मान सिंह को ग्रामीण डोली में बैठाकर पांच किलोमीटर दुर्गम रास्तों को पार करते हुए डुंगराबोरा तक सड़क में पहुंचाया। डुंगराबोरा से 40 किमी.मोटर मार्ग से बीमार को लोहाघाट अस्पताल लाया गया। इलाज के बाद उनकी तबियत में सुधार हो रहा है।
हितेश पांडेय, चंदन सिंह सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि 70 परिवार वाले इस गांव में दो बार सर्वे होने के बावजूद मार्ग निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते बीमार और बुजुर्गों को परेशानी होती है। ग्रामीण गोविंद सिंह, प्रीतम सिंह, जगदीश पांडेय, मुकेश पांडेय, अंकित पांडेय, महेश सिंह, संतोक सिंह, जोगा सिंह, भुवन सिंह, शेखर सिंह, पुष्कर सिंह, गणेश सिंह, भवान सिंह, राम सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि ने गांव को सड़क सुविधा स े जोड़ने की मांग की है। इधर विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।