चंपावत जिला मुख्यालय में स्थित नगर पालिका कार्यालय।
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चंपावत। कोरोना काल नगर पालिका पर भारी पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन से नगर पालिका की आय के सभी स्रोत बंद हो गए थे। इस कारण पालिका को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
पालिका की आय के स्रोतों में बरातघर और वार्षिक गोल्ज्यू ग्रीष्मोत्सव प्रमुख साधन था लेकिन चार माह से बरातघर बंद होने और गोल्ज्यू ग्रीष्मोत्सव स्थगित होने से पालिका की आय ठप हो गई है। इस कारण नगर पालिका कर्मचारियों के वेतन, कोविड-19 ड्यूटी में लगे वाहनों का भुगतान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। भवन कर जमा न होने से भी पालिका की दिक्कत बढ़ गई है। नगरपालिका को भवन कर से 25 लाख रुपये से अधिक की आय होती थी।
गोल्ज्यू ग्रीष्मोत्सव फंड से किया जून के वेतन का भुगतान
चंपावत। आर्थिक तंगी के संकट से जूझ रही नगर पालिका ने अपने कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों को जून का वेतन गोल्ज्यू महोत्सव फंड से किया है। पालिका के ईओ अभिनव कुमार के अनुसार जून के वेतन के लिए छह लाख रुपये का भुगतान गोल्ज्यू ग्रीष्मोत्सव फंड से किया गया है। पालिका के पास जमा पूंजी की कमी से जुलाई में वेतन देने की बड़ी चुनौती है। संवाद
कोरोना काल में नगर पालिका के आय के सभी स्रोत बंद हैं। पालिका के पास हर साल भवन कर के रूप में जो पैसा आता था, वह भी इस बार नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य प्रकार के खर्चे चला पाना मुश्किल हो गया है। डीएम से भवन कर का जल्दी भुगतान कराने का आदेश जारी कराने की मांग की गयी है।
- विजय वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष, चंपावत।