24 घंटे से लगातार बारिश से शारदा उफान पर है। शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था, जिस पर प्रशासन ने शारदा चुंगी कालोनी क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित कर खतरे की जद में आई दुकानों और कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया है। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने शारदा तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए करीब पचास से सौ वारयक्रेट्सों का इंतजाम करने को कहा है।
शुक्रवार को शारदा का जल स्तर बढ़ते ही आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हो गई थी। एसडीएम नरेश दुर्गापाल और तहसीलदार हरी राम आर्य के नेतृत्व में आपदा टीमें शारदा तटबंध से लगे क्षेत्र में निगरानी करने लगे। शारदा चुंगी क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया। एसडीएम ने बताया कि नदी तट पर खतरे की जद में आई घाट की सभी दुकानों को हटाया गया है। इसके अलावा कई परिवारों को भी पंचमुखी धर्मशाला और राधेहरि राजकीय इंटर कालेज में शरण दी गई है। दोपहर बाद यहां पहुंचे डीएम चौधरी ने भी अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा हनुमानगढ़ी में निर्मित स्परनुमा बंधे की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए पीचिंग कार्य दोबारा कराने के निर्देश दिए। साथ ही एनएसपीसी द्वारा नदी के बीच में निर्मित किए गए अस्थायी आरबीएम तटबंध को तुरंत ध्वस्त कराने और तटबंध मरम्मत कार्य में प्रयुक्त पत्थरों की रायल्टी की जांच करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। टनकपुर-बनबसा में तीन आपदा प्रबंधन टीमें गठित की गई है।