बरसात में सुरक्षा के चलते बृहस्पतिवार यानी 15 जून से शारदा नदी पर रेड अलर्ट शुरू होगा, जो 15 अक्तूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान नदी तट पर जाने की मनाही रहेगी। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स ने चंपावत और यूपी के पीलीभीत प्रशासन को भी अवगत करा दिया है।
नदी से रेता, बजरी छान मजदूरी करने पर रोक लगा दी गई है। सब्जी उगाने वालों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। अंग्रेज प्रशासकों के समय से मानसून काल में 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा बैराज पर रेड अलर्ट किया जाता है। इस बीच आमजन को नदी तट और नदी में जाने की मनाही रहती है।
छान लगाने वाले मजदूरों, सब्जी उगाने वालों को भी नदी किनारे से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया जाता है। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स को प्रत्येक घंटे के जलस्तर की जानकारी उत्तराखंड और यूपी प्रशासन को देनी होती है। सुरक्षा के तहत पुलिस-प्रशासन को भी जलस्तर की सूचना दी जाती है।
शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी एसडीओ एनसी पंत ने बताया कि शारदा नदी का जलस्तर 1 लाख क्यूसेक से अधिक होने पर सुरक्षा के मद्देनजर बैराज पर वाहनों, रिक्शा-तांगों के संचालन पर रोक लगा दी जाती है।
उन्होंने बताया कि 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा नदी के जलस्तर पर विभाग के विशेषज्ञों की नजर रहती है। बता दें कि बरसात में नदी का जलस्तर काफी अधिक बढ़ जाता है। वर्ष 2013 में शारदा नदी का जलस्तर अब तक का सर्वाधिक 5 लाख 48 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंचा था।
शारदा नदी का जलस्तर जलस्तर 8721 क्यूसेक पहुंचा
मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर 8721 क्यूसेक पहुंच गया। पिछले वर्ष आज के दिन नदी का जलस्तर 9170 क्यूसेक, वर्ष 1015 में 7 हजार क्यूसेक के आसपास था।
बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि जून के बाद पहाड़ पर बर्फ पिघलने और वर्षा होने से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस का उत्पादन भी चरम पर पहुंच जाता है।