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शारदा से खनिज निकासी पर ई-रवन्ने का अड़ंगा

Thu, 09 Feb 2017 11:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
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रामनगर में अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर (चंपावत)। खनिज सामग्री की खरीद-फरोख्त के लिए अब जिले में ई-रवन्ना सिस्टम लागू हो गया है। छह फरवरी से लागू हुई नीति के तहत फिलहाल यहां निगम ने ई-रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया है। इसके चलते शारदा से हो रही खनिज निकासी की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खनिज विभाग की मानें तो छह फरवरी के बाद मैनुअल रवन्ने को अवैध माना जाएगा।
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शासन ने 30 अक्तूबर से राज्य के मैदानी नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून में खनिज की खरीद-फरोख्त में ई-रवन्ना नीति लागू कर दी थी और अब पर्वतीय जिलों में भी यह नीति लागू कर दी गई है। खान अधिकारी दिनेश कुमार के मुताबिक पर्वतीय जिलों में ई-रवन्ना नीति वैसे तो दिसंबर में लागू कर दी गई थी, लेकिन लॉग-इन आईडी न मिलने से वजह से इस पर अमल नहीं हो पाया था।

उन्होंने बताया कि लॉग-इन आईडी मिलने के बाद छह फरवरी से पिथौरागढ़, चंपावत जिले में खनिज की खरीद-फरोख्त में ई-रवन्ना नीति लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि छह फरवरी के बाद मैनुअल रवन्ने अवैध माने जाएंगे, लेकिन इधर शारदा से खनन करा रहे वन निगम, वन विभाग अब भी मैनुअल रवन्ने जारी कर रहा है। खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि ई-रवन्ने के लिए विभाग ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
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उनका कहना है कि ई-रवन्ने जारी करने में नेट कनेक्टिविटी की समस्या बाधक है। बैराज के डाउन स्ट्रीम में बीएसएनएल के अलावा किसी भी निजी संचार कंपनी की नेट कनेक्टिविटी नहीं है। इसके चलते ई-रवन्ने जारी कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि खनिज निदेशक को नेट कनेक्टिविटी की समस्या लिखित जानकारी देते हुए समाधान तक मैनुअल रवन्ने जारी करने की अनुमति मांगी गई है, लेकिन जवाब नहीं मिला है। ऐसे में शारदा से चल रही खनिज निकासी की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं खनन कारोबारी भी ई-रवन्ना नीति को लेकर असमंजस में हैं।

टनकपुर। खनन कारोबारियों के संगठन शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल का कहना है कि जब तक वन निगम द्वारा मैनुअल रवन्ने जारी किए जा रहे हैं, तब तक खनन स्टॉकिस्टों को भी मैनुअल रवन्ने जारी करने की अनुमति दी जाए। वरना खनन कारोबारी खनिज की निकासी बंद करने को मजबूर होंगे।
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