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खनन कारोबारियों ने बंद की शारदा से खनिज निकासी

Thu, 21 Jan 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
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सरकार की नई खनिज भंडारण नीति से पैदा हुई खनिज विपणन की समस्या से गुस्साए खनन कारोबारियों ने बृहस्पतिवार से शारदा से अनिश्चितकाल के लिए निकासी बंद कर दी है। उन्होंने निकासी मार्ग पर ट्रक खड़े कर जोरदार प्रदर्शन किया। आगाह किया कि निजी स्टाकिस्टों को भंडारण की अनुमति नहीं दिए जाने तक वे किसी भी सूरत में निकासी नहीं करेंगे।
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खनन के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने नई खनिज भंडारण नीति बनाई है, जो खनन कारोबारियों की रोजी-रोटी के लिए संकट बन गई है। नई नियमावली के तहत अब सिर्फ स्टोन क्रशर मालिक एवं खनन पट्टाधारक ही खनिज सामग्री का भंडारण और खरीद-फरोख्त कर सकता है। इस नीति से क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ निजी स्टाकिस्टों का कारोबार बंद हो गया है। भंडारण नियमावली की बाधा और यहां स्थित दो स्टोन क्रशरों की खनिज क्रय क्षमता भी मात्र 60 हजार घनमीटर है, जो खत्म होने से खनन कारोबारियों के समक्ष खनिज विपणन की समस्या पैदा हो गई है। हालांकि शारदा के खनिज भंडारण के लिए सरकार ने वन निगम को अनुमति दी है, लेकिन अब तक निगम ने भी टेंडर की प्रक्रिया ही नहीं की है। जिला प्रशासन ने भी भंडारण नियम को शिथिल बनाते हुए स्थानीय स्टाकिस्टों को भंडारण की अनुमति देने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन शासन ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। 

वहीं, खनिज विपणन की समस्या से गुस्साए कारोबारियों ने बृहस्पतिवार से निकासी बंद कर दी है। तहसीलदार भगीरथ जोशी ने प्रदर्शन स्थल पर जाकर कारोबारियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। उनका कहना था कि खनिज स्टाक करने की अनुमति दी नहीं है और स्टोन क्रशरों की क्षमता कम हैं तो ऐसे में जब खनिज बिकेगा ही नहीं तो वे निकासी कर खनिज कहां डालें। मां शारदा शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन ने स्थानीय स्टाकिस्टों को भंडारण की अनुमति नहीं देने, क्रशर मालिकों द्वारा ट्रक मालिकों का उत्पीड़न एवं बगैर रायल्टी खनिज की खरीदारी बंद करने और निगम द्वारा भंडारण शुरू किए जाने तक निकासी बंद रखने का एलान किया है। एसोसिएशन अध्यक्ष योगी ज्याल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में महेश सिंह, दीपक पाठक, गजेंद्र पाल, दीपक सिंह, अशोक मुरारी, दीपक जोशी, अमन सिंह, कुंदन सिंह, महेशी, जगदीश चंद, कादिर अली, आनंद सिंह महर, चंद्रमोहन, मोहित सिंह, विनोद सिंह, सुजीत सिंह, अमजद हुसैन आदि शामिल थे।
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रोजाना सात से आठ लाख रुपये राजस्व की क्षति
शारदा से खनिज निकासी बंद होने से सरकार को रोजाना सात से आठ लाख रुपये राजस्व का नुकसान होगा। नई खनिज भंडारण नियमावली के फेर में इस बार शारदा से छह दिसंबर से खनिज निकासी शुरू हुई है। शासन ने इस सीजन में (अक्तूबर से मई तक) 19 लाख घन मीटर खनिज निकासी की अनुमति दी है। ऐसे में खनिज की पूरी मात्रा की निकासी संभव नहीं है। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि इन दिनों हर दिन सात से आठ लाख रुपये का राजस्व अर्जित हो रहा है। अब तक 27 हजार 782 घन मीटर खनिज की निकासी से 92 लाख 49 हजार 617 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है।

उचौलीगोठ में स्टोन क्रशर लगाने का विरोध
पूर्णागिरि मार्ग के विस्तारीकरण में कार्यदायी एजेंसी द्वारा उचौलीगोठ में लगाए जा रहे स्टोर क्रशर के विरोध में ग्रामीण मुखर होने लगे हैं। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्टोन क्रशर का निर्माण न रुकवाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रधान सुरेश महर के नेेतृत्व में एसडीएम से मिले ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की कार्यदायी एजेंसी द्वारा सड़क विस्तारीकरण कार्य के लिए उचौलीगोठ मेला पार्किंग स्थल के पास स्टोन क्रशर लगाया जा रहा है। आबादी के नजदीक क्रशर लगाने से आसपास की आबादी को वायु और ध्वनि प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा। प्रदूषण से लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। उन्होंने क्रशर को आबादी से दूर लगवाने का आग्रह किया है। ज्ञापन देने वालों में मंगल दल अध्यक्ष बचीनाथ सिंह, महेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, नवीन सिंह, रमेश सिंह, मधु देवी, नीरज सिंह आदि शामिल थे।
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