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कोयले से बनाया पाक झंडे का निशान

Thu, 21 Jan 2016 10:16 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
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यह शरारत है या साजिश, दोनों ही स्थितियां चिंता पैदा करती हैं। खासकर देश में सुरक्षा के मौजूदा हाल और गणतंत्र दिवस के मद्देनजर मामला और भी गंभीर हो जाता है। जिले के एक दूरस्थ गांव में बने स्वतंत्रता सेनानी स्मृति पटल पर पाकिस्तान के झंडे का निशान बनाया गया है, साथ ही मस्जिद बनी है और फारसी में कुछ शब्द लिखे गए हैं। इन शब्दों का अर्थ क्या है? ये किसने लिखे और इसके लिखने का मकसद क्या है? कोई नहीं जानता। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह घटना फिलहाल चुनौती है।
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जिला मुख्यालय से करीब 56 किलोमीटर दूर सात (पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पदमा दत्त चौड़ाकोटी, जयदत्त चौड़ाकोटी, चूड़ामणि जोशी, चिंतामणि जोशी और बची सिंह राना) स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गांव है चौड़ाकोट। इस गांव में 29 अगस्त 2001 को सेनानी स्मृति पटल बना। तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. मदन सिंह महराना ने इस पटल का लोकार्पण किया। इस पटल की दीवार के अग्रिम हिस्से में कोयले से पाकिस्तान झंडे का निशान चांद-तारा और मस्जिद बनाई गई है। कुछ शब्द फारसी भाषा में लिखे गए हैं। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में आमीन लिखा हुआ है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी, ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, सरपंच स्वरूप राम आदि का कहना है कि ये हरकत सेनानियों का अपमान है। इस पूरे मामले की गहन जांच की जानी चाहिए। इलाके में आने वाले अजनबी और फेरीवालों पर नजर रखने की भी मांग की गई है। चंपावत जिले के नेपाल सीमा से लगे होने से इस तरह की घटना चिंता पैदा करती है। जिले की 90 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगी है। मां पूर्णागिरि धाम भी यहां से करीब 45 किमी के फासले पर है।
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मामला पुलिस की जानकारी में नहीं है। पता लगाकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। चल्थी क्षेत्र के अलावा खुफिया पुलिस को मौके पर भेजा जाएगा। मामले को गंभीरता से ले हर पहलू को देखा जाएगा। जो भी कदम जरूरी होगा, उठाया जाएगा। - दिलीप सिंह कुंवर, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।
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