तौल शुरू होने की प्रतीक्षा में खड़े खनन से लदे ट्रैक्टर।
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पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को शारदा नदी के डाउनस्ट्रीम से खनन निकासी शुरू हो गई। अलबत्ता धर्मकांटे के कंप्यूटर पर उत्तराखंड खनिज निगम का ई रवन्ना डाउनलोड नहीं होने से लगभग छह घंटे ट्रैक्टर स्वामियों को प्रतीक्षा करनी पड़ी।
वन विकास निगम ने एक दिसंबर से शारदा नदी के डाउन स्ट्रीम में खनन निकासी के लिए गेट खोल दिए थे, लेकिन ट्रैक्टर, डंपर और शक्तिमान ट्रक स्वामियों में आपसी सहमति नहीं बनने से खनन निकासी शुरू नहीं हो पाई। वहीं ट्रैक्टर स्वामियों ने 12 दिसंबर से खनन निकासी का निर्णय लिया। ट्रैक्टर स्वामियों की सुरक्षा की मांग पर बुधवार को सीओ आरएस रौतेला मय पुलिस फोर्स के खनन क्षेत्र में मौजूद रहे।
उनकी मौजूदगी में खनन तौल शुरू हुई, लेकिन वन विकास निगम के धर्मकांटे में ई रवन्ना डाउन लोड नहीं हो पाने से तौल लगभग छह घंटे बाद शुरू हो पाई। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि बुधवार को 55 ट्रैक्टरों से खनन निकासी की गई, जबकि शक्तिमान ट्रक और डंपर स्वामी खनन निकासी को नहीं पहुंचे। बुधवार को 134.3200 घनमीटर खनन निकासी हुई।
टनकपुर में तीन यूनियनों का एकीकरण हुआ
शारदा नदी से खनन को लेकर बुधवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी की अध्यक्षता में ट्रैक्टर, शक्तिमान और ट्रक यूनियन के पदाधिकारी के साथ हुई बैठक में तीनों यूनियनों के एकीकरण पर सहमति जताई गई। सर्वसहमति से राजेंद्र रावत (राजू) को अध्यक्ष और चंदन महर को उपाध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया गया।
टनकपुर में ट्रैक्टर यूनियन ने इस महीने खनन शुरू कर दिया था, लेकिन अब तीनों यूनियनों के एकीकरण के बाद शक्तिमान वाहनों की फिटनेस के बाद ही ट्रैक्टरों से खनन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में 250 शक्तिमानों की फिटनेस नहीं हो सकी है।