प्रशासन और जिला पंचायत के साथ ही उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि शक्तिपीठ में मंदिर समिति ने भी अपने स्तर से मेले की तैयारियां शुरू कर दी है।
पूर्णागिरि मेला शुरू होने को 23 दिन शेष रह गए हैं। जिला पंचायत और प्रशासन ने मेले की पथ प्रकाश, सुरक्षा, सफाई, पेयजल, यातायात आदि व्यवस्थाओं की रणनीति बनानी शुरू कर दी है, वहीं मंदिर समिति ने भी अपने स्तर से मुख्य मंदिर क्षेत्र में व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। बता दें कि मुख्य मंदिर में सफाई और यात्रियों की सहायता के लिए पुलिस फोर्स के साथ ही मंदिर समिति भी अपने स्वयंसेवक तैनात करती है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने बताया कि इस साल भी मंदिर परिसर में सफाई के लिए समिति अपने स्वच्छक तैनात करेगी और दर्शन की व्यवस्था, यात्रियों की सहायता के लिए एक दर्जन स्वयंसेवक भी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा काली मंदिर में समिति कार्यालय स्थापित कर यात्रियों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि दुकानों में खान-पान और अन्य वस्तुओं की तय रेटों पर बिक्री सुनिश्चित कराई जाएगी। मनमाने रेट वसूलने वाले व्यापारियों को चिन्हित कर कार्रवाई के लिए उनके नाम प्रशासन को सौंपे जाएंगे।
इस साल पांडेय कौम के पुजारी कराएंगे पूजा-पाठ
मां पूर्णागिरि शक्तिपीठ में इस साल पूजा-पाठ पांडेय कौम के पुजारी करेंगे। बता दें कि धाम में एक-एक साल के अंतराल में तिवारी और पांडेय कौम द्वारा बारी-बारी से पूजा-पाठ कराया जाता है। यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी के मुताबिक देवी पूर्णागिरि के स्वप्न में दिए आदेश पर उनके पूर्वज श्रीचंद्र तिवारी ने अपने पांडेय कौम के भांजे के साथ मिलकर स्थान की खोज कर इस शक्तिपीठ को स्थापित किया था। इसी कारण मंदिर में पूजा-पाठ कराने का तिवारी और पांडेय दोनों कौमों को बराबर हक है। एक साल तिवारी और एक साल पांडेय कौम द्वारा पूजा कराई जाती है।