आदर्श राशनिंग वेलफेयर सोसायटी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की तर्ज पर राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में भी 143 रुपये प्रति क्विंटल का लाभांश निर्धारित करने की मांग की है। सोसायटी का कहना है कि कोटेदारों की ओर से सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं को संचालित किया जाता है, लेकिन उनके साथ सरकार छलावा करती आ रही है।
अटल खाद्यान्न योजना शुरू करते समय स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने कोटेदारों को मानदेय देने के साथ उन्हें अन्य सुविधाएं देने की घोषणाएं की गई थी, जिन्हें अब तक लागू नहीं किया गया है। एनेक्सी भवन में हरीश चंद्र पांडेय की अध्यक्षता और सलीम जावेद के संचालन में हुई बैठक में कोटेदारों ने उन्हें 15 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, खाद्यान्न गोदामों से चीनी, खाद्यान्न तोलकर देने, विक्रेताओं को दुकान का किराया, स्टेशनरी के अलावा मुख्य गोदाम से गांव के गोदाम तक ढुलान भाड़े में वृद्धि करने की मांग की।
केदार जोशी, हीरा देवी, नारायण सिंह, चंद्र सिंह, नीरज सामंत, सीएल जोशी, इंद्र सिंह, सुमन माहरा, चंदन महर, नीरज सामंत, भैरव चौधरी, मोहन सिंह आदि का कहना था कि राज्य स्तर पर कोटेदारों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर अपनी हड़ताल समाप्त की थी, लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है।