चंपावत जिले में वन विभाग में वन आरक्षियों की भर्ती को लेकर युवाओं और सत्तारूढ़ दल के जिम्मेदार लोगों में रोष है। कांग्रेस के प्रांतीय उपाध्यक्ष भगीरथ भट्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरीकों से भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई, उससे अभ्यर्थियों में पहले से ही आशंकाएं बनी थी। भर्ती के प्रति आम लोगों के अविश्वास को देखते हुए व्यापक जनहित में इसे रद्द किया जाना आवश्यक है।
उधर, पाटी में युवाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम निर्मला बिष्ट को दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू से ही विवादास्पद और संदेह के वातावरण में संपन्न की जा रही है। अभी परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन विभिन्न स्थानों में चिपकाए गए पर्चों में उत्तीर्ण होने वाले उन लोगों के नाम प्रकाशित किए गए हैं, जिन्होंने डीएफओ को लाखों रुपये देने की बात कही गई है। युवाओं ने धमकी दी कि डीएफओ को हटाने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को रद्द नहीं किया गया तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में अमित सिंह, सुरेश सिंह, चंचल सिंह, संजय सिंह, प्रवीण सिंह, राहुल, विवेक आदि शामिल हैं।
वन आरक्षी परीक्षा की चयन समिति से प्रशासन का कोई सीधा संबंध नहीं है। परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर प्रशासन के पास कोई शिकायत अब तक नहीं आई है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। -दीपेंद्र कुमार चौधरी, डीएम, चंपावत।