शहर में घूमते आवारा पशुओं और बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने को नगर पालिका और वन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आवारा पशुओं और बंदरों को पकड़ कर दूर जंगल में छोड़ने को कहा गया है। वन विभाग सोमवार से शहर में पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू करेगा। वहीं पालतू पशुओं को शहर में आवारा छोड़ने वालों से नगर पालिका जुर्माना वसूलेगी। प्रशासन द्वारा आहूत बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
अमर उजाला में 23 फरवरी के अंक में ‘इन बंदरों से मुक्ति दिलाओ’ शीर्षक से छपी खबर का एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। एसडीएम ने नगर पालिका, वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आवारा पशुओं और बंदरों के उत्पात से निजात को जल्द उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग को पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ कर दूर जंगल में छोड़ने को कहा गया है। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि सोमवार से शहर में पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने पालिका को शहरी क्षेत्र में पशुपालकों से उनके पशुओं का पंजीकरण करने को कहा गया है।
बैठक में पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय, ईओ शेखरचंद्र जोशी, सुरेश राणा, राजीव कुमार आर्य, पशु चिकित्साधिकारी डीके शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव आर्य, महामंत्री प्रकाश मुरारी, सभासद शोभा देवी, देवेंद्र सिंह, गिरीश खर्कवाल, हसीब अहमद, सौरभ अग्रवाल, नामित सभासद खालिद अंजुम, रामदयाल, फैसल सिद्दीकी, हेमंत कलखुड़िया, पालिका के लिपिक बसंराज चंद मौजूद थे।