चंपावत/पिथौरागढ़। साढ़े दस महीने बाद छठीं कक्षा से आगे के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई से निजात मिली। विद्यार्थियों में स्कूल खुलने पर गजब का उत्साह था। कोरोना काल में पिछले साल मार्च के बाद पहली बार खुले जिले के तमाम स्कूलों में 18565 विद्यार्थियों में से 9267 ने स्कूलों का रुख किया। शिक्षा विभाग और स्कूलों ने प्रवेश देने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की। सीईओ आरसी पुरोहित ने दियूरी स्कूल का मुआयना कर व्यवस्था का जायजा लिया। बताया कि अधिकांश अभिभावकों की ओर से स्कूल आने का सहमति पत्र दिया गया है।
चंपावत जीआईसी के प्रधानाचार्य मनोज जोशी ने बताया कि कॉलेज में 400 में से 170 छात्र आए थे। स्कूलों में आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए मध्याह्न भोजन योजना भी बनाया गया। जिले के कई निजी स्कूल भी खुले। लोहाघाट के बीईओ हरेंद्र साह और बाराकोट के बीईओ रमेश राम ने बताया कि मुख्य द्वार में छात्र-छात्राओं को तापमान मापने के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया। टनकपुर में पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही, लेकिन छात्र-छात्राओं में उत्साह नजर आया। जीजीआईसी में छात्रा संख्या अधिक होने से वर्गवार कक्षा संचालित की जा रही है। प्रधानाचार्या अनुराधा दुबे ने बताया कि सोमवार को 6 से 11 तक ए वर्ग की कक्षाओं की छात्राओं को स्कूल बुलाया गया था। ए वर्ग की कक्षाओं में पंजीकृत 848 में 312 छात्राएं स्कूल आई। राउमावि उचौलीगोठ में कक्षा 9 में पंजीकृत 19 मेें से 18 विद्यार्थी स्कूल आए।
पिथौरागढ़ जिले में पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 70 फीसदी रही। महीनों बाद स्कूल पहुंचे बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। सभी स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सरकारी स्कूलों में दो पालियों में पढ़ाई कराई गई। कक्षा छह से 10 तक के बच्चों की पढ़ाई सुबह 9:30 से 12:30 बजे और 11वीं, 12वीं के बच्चों की पढ़ाई 12:30 से 3:30 बजे तक हुई। छात्रों के हाथों को सैनिटाइज किया गया। एसडीएस के प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने बताया कि बच्चे पढ़ाई के लिए उत्साहित नजर आए। निजी स्कूल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विप्लव भट्ट ने बताया कि निजी स्कूलों में दो पालियों में पढ़ाई करा पाना संभव नहीं है। कक्षाओं के संचालन में कोविड 19 गाइडलाइन का पूरा पालन किया गया। प्रत्येक विद्यालय में कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम के लिए नियुक्त एक नोडल अधिकारी ने सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी। सीईओ अशोक कुमार जुकरिया ने नगर के स्कूलों में जाकर जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीडीहाट में भी 10 माह के लंबे अंतराल के बाद कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं के संचालन के बाद स्कूलों में चहल-पहल रही। नगर में छह से 12 तक के बच्चे स्कूलों में पढ़ने पहुंचे। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या कुसुम जोशी ने बताया कि सभी बच्चों और शिक्षिकाओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। कक्षाओं को सैनिटाइज करने के बाद कक्षाओं में प्रवेश करने दिया गया।
चंपावत जिले के विभिन्न ब्लाकों में छात्रों की उपस्थित की तस्वीर
ब्लाक कुल विद्यार्थी उपस्थित विद्यार्थी
चंपावत 7671 3596
लोहाघाट 4179 2551
पाटी 4300 1720
बाराकोट 2415 1400
कुल 18565 9267
लो बसंत आया फूल खिले.. गीत के साथ किया बच्चों का स्वागत
पिथौरागढ़। दस माह बाद सोमवार को राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान लो बसंत आया फूल खिले फूल खिले गीत भी गाया गया। सहायक शिक्षक भुवन पांडेय के नेतृत्व में बच्चों ने बैंड वादन किया। कोविड-19 की विद्यालयी गतिविधियों के लिए रमेश चंद्र जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। प्रधानाध्यापक हरीश पांडेय ने बताया कि दो पालियों में विद्यालय संचालित किया जा रहा है। इस सत्र में 46 बच्चों को नए प्रवेश दिए गए। स्कूल में 135 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस दौरान शिक्षक राकेश पुरी, संगीता भैंसोड़ा, त्रिभुवन सिंह आदि ने सहयोग दिया। जिला अस्पताल के काउंसलर जीवन चंद्र पंत एवं सामाजिक कार्यकर्ता जीवन तिवारी ने बच्चों को स्वच्छता की जानकारी दी। (ब्यूरो)
चंपावत जीजीआईसी में पढ़ाई करती नौंवी कक्षा की छात्राएं।- फोटो : CHAMPAWAT
टनकपुर जीजीआईसी में छात्राओं की थर्मल स्क्रिनिंग से जांच करती महिला कर्मचारी।- फोटो : TANAKPUR