गिरफ्तार सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस राणा।
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चंपावत। बनबसा देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी पाटी के सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस राणा पर निलंबन की तलवार लटक गई है। छह अगस्त को गिरफ्तार इस अधिकारी की मुकदमे से संबंधित पत्रावली समाज कल्याण निदेशालय भेज दी गई है। निदेशक की हरी झंडी के बाद आरोपी एडीओ को निलंबित कर दिया जाएगा। इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
ऊधमसिंह नगर जिलेे के सितारगंज क्षेत्र निवासी एडीओ जीएस राणा को छात्रवृत्ति गबन में आरोपी की भूमिका की संलिप्तता के तथ्य मिलने पर एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। जांच में राणा पर छात्र-छात्राओं के सत्यापन में गड़बड़ी की तस्दीक हुई थी। समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि नियमों के तहत 24 घंटे जेल में रहने वाले कर्मी का निलंबन होता है। निलंबन से संबंधित पूरे मामले की पत्रावली निदेशालय भेज दी गई है। अनुमोदन के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व विद्यापीठ के लिए बिचौलिये का काम करने वाले खटीमा के दो आरोपी (दीया का प्रधान मुकेश कुमार और युवक कांग्रेस नेता प्रदीप कुमार) को 27 जुलाई को दबोचा गया था। देवभूमि विद्यापीठ नाम की गैर मान्यता प्राप्त संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। समाज कल्याण विभाग से मिली ये रकम छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची।
दिसंबर में दर्ज हुआ था मुकदमा
चंपावत। एसआईटी प्रभारी कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जेल भेजे गए एडीओ सहित तीन लोगों के अलावा विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (जिला हरिद्वार निवासी) के खिलाफ बनबसा थानेे में 15 दिसंबर 2019 को मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन लोगों को हरिद्वार की कोर्ट से स्टे मिला है, जबकि चौथा संचालक पहले से ही किसी मामले में हरिद्वार जेल में है।