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मां का जयकारा करते रामपुर से पैदल पहुंचा संतों का जत्था 

Thu, 23 Mar 2017 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
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पूर्णागिरि जाते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम लगातार बना हुआ है। दिन-रात भक्तों की टोलियां मां के दर्शन को पहुंच रही हैं। 28 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्रों में आस्था का जबरदस्त सैलाब उमड़ने की आशंका है।
होली के अगले दिन से शुरू हुए मेले में रामपुर से पैदल यात्रा कर संतों और भक्तों का जत्था बृहस्पतिवार को पूर्णागिरि धाम पहुंचा और देवी के दरबार में मत्था टेक पूजा की। मां के दरबार में आ रहे ज्यादातर श्रद्धालुओं की संख्या बरेली, कासगंज, एटा, मैनपुरी, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सोरो, मुरादाबाद, संभल, राय बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद आदि क्षेत्रों की है। नवरात्र में पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में मत्था टेकने आते हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से मां पूर्णागिरि के प्रति नेपाल के नागरिकों की आस्था बढ़ी है। यही, वजह है कि नवरात्र से मेले की समाप्ति तक नेपाल के दूरस्थ क्षेत्रों से भी मां के दर्शन को नेपाल के भक्तों की आवाजाही बनी रहती है। 
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सफल नहीं हो पा रही बायोमैट्रिक पंजीकरण योजना
पूर्णागिरि मेले में आने वाले यात्रियों की संख्या का सही आंकड़ा पता लगाने को पर्यटन विभाग की योजना सफल होती नजर नहीं आ रही है। गत वर्ष की तरह इस बार भी यात्रियों के बायोमैट्रिक पंजीकरण के लिए विभाग ने कैंप तो लगाया है लेकिन पंजीकरण का आंकड़ा मेले में उमड़ रही भीड़ के सापेक्ष काफी कम है। कैंप के इंचार्ज सुनील चौहान के मुताबिक 14 मार्च से शुरू हुए मेले में 23 मार्च तक एक लाख चार हजार यात्री पंजीकृत किए गए हैं। जबकि अनुमानित आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा आंका जा रहा है। अब तक अनुमानित करीब पौन तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौट चुके हैं। बायोमैट्रिक पंजीकरण कैंप प्रभारी का मानना है कि भीड़ बढ़ने पर कई यात्री बगैर पंजीकरण कराए भी चले जा रहे हैं। बता दें कि गत वर्ष भी पर्यटन विभाग ने बायोमैट्रिक पंजीकरण सिस्टम लगाया था, लेकिन एक माह तक पंजीकरण करने के बाद इस सिस्टम को चारधाम यात्रा में भेज दिया गया था। 
 
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