हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज क्षेत्र के पूर्णागिरि मार्ग पर एक नर भालू सड़क किनारे मृत पड़ा मिला। किसी वाहन की टक्कर से उसकी मौत होने का अनुमान है। मृत भालू की उम्र 25 साल थी। वन विभाग ने भालू का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। बाद में डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल की मौजूदगी में मृत भालू को जला दिया गया। डीएफओ ने घटना की जांच के आदेश दिए है।
बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे चिलियाघोल स्थित एसएसबी कैंप से वन विभाग को सूचना मिली कि एसएसबी कैंप से पचास मीटर दूरी चिलियाघोल पुल के पास एक भालू लहूलुहान हाल में मृत पड़ा है। सूचना पर एसडीओ राजेश श्रीवास्तव व रेंजर ख्याली राम आर्य फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर भालू के शव को कब्जे में लिया। बूम वन चौकी में पशु चिकित्सकों के दो सदस्यीय पैनल ने भालू के शव का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सकों के पैनल में टनकपुर के डॉ. डीके शर्मा के अलावा बनबसा के डा. टीपी यादव शामिल थे। पोस्टमार्टम करने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. शर्मा ने बताया कि भालू की उम्र करीब 25 साल थी। उसकी लंबाई 1.60 मी. और ऊंचाई 70 सेमी. थी। उनका मानना है कि किसी वाहन की टक्कर से ही भालू की मौत हुई है, लेकिन मौत की सही वजह का पता लगाने को परीक्षण के लिए विसरा प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सूचना पर देर शाम डीएफओ भी बूम वन चौकी पहुंचे और उनकी निगरानी में भालू को जलाकर उसके अंगों को नष्ट किया गया। एसडीओ ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही जांच भी कराई जा रही है।
-पूर्णागिरि मार्ग के जंगल में भालू होने का पहला मामला
टनकपुर। पूर्णागिरि मार्ग से लगे जंगल में इससे पहले कभी भालू के विचरण का मामला सामने नहीं आया। उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दोगाड़ी रेंज व सेनापानी क्षेत्र के अलावा शारदा रेंज के ककराली व छीनी कंपार्टमेंट में तो भालुओं के विचरण की रिपोर्ट है, लेकिन पूर्णागिरि मार्ग से लगे शारदा रेंज के ब्रहमदेव बीट (पूर्णागिरि मार्ग) में भालू के विचरण का इससे पहले कभी कोई मामला सामने नहीं आया है।