चंपावत जिले के बैंकों के ऋण-जमा अनुपात (सीडीआर) पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने नाराजगी जताई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करते हुए उन्होंने मार्च 2020 तक हर हाल में सीडीआर को 30 प्रतिशत तक करने के लीड बैंक को आदेश दिए हैं। इस वक्त जिले का सीडीआर महज 27 फीसदी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले को इस वित्त वर्ष के शेष बचे करीब साढ़े चार माह में 110 करोड़ रुपये (रोजाना औसतन 81.48 लाख) कर्ज देना होगा।
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि, उद्यम, पर्यटन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य से 50 प्रतिशत अधिक आवेदन लिए जाएं ताकि किसी भी तरह से योजना को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके। प्रभारी डीएम अनिल गर्ब्याल ने बताया कि सीडीआर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
कर्ज वितरण के लिए जिले के विभिन्न स्थलों में ऋण मेले लगाए जाएंगे। वार्षिक क्रेडिट प्लान (एसीपी) को वित्त वर्ष की पहली छमाही में 40 प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष 44 फीसदी हासिल करने पर मुख्य सचिव ने संतोष जताया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, लीड बैंक प्रबंधक अरुण कुमार जोशी, एसबीआई आरसेटी के निदेशक जनार्दन चिल्कोटी आदि मौजूद थे।
चार बैंकों का सीडीआर 20 फीसदी से भी नीचे
चंपावत। लीड बैंक के मुताबिक 2019-20 के मौजूदा वित्त वर्ष में जून तक जिले के बैंकों की सभी 58 शाखाओं की कुल जमा राशि 2125.02 करोड़ रुपये है। इसमें से 536.88 करोड़ रुपये ऋण दिया गया है। एक्सिस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और नैनीताल बैंक लिमिटेड की जिले की शाखाओं का सीडीआर बेहद (20 प्रतिशत से भी नीचे) कम है।