चंपावत। जिले में 11 सितंबर से मिजेल्स रुबेला टीकाकरण अभियान शुरू होगा। इसमें नौ माह से 15 वर्ष की आयु तक के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में एक दिनी प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। इसका शुभारंभ एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने किया।
उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा एवं बाल विकास विभाग से ग्राम स्तर तक नक्शा बनाकर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। कहा कि मलिन बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों, बड़े निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के बच्चों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि के साथ आते-जाते बच्चों को भी इसमें शामिल करें। इसके तहत बाजार में दो हजार रुपये में उपलब्ध खसरे का टीका चिकित्सा विभाग की ओर से निशुल्क लगाया जाएगा।
एसीएमओ डॉ. केसी ठाकुर ने कहा कि खसरे में तेज बुखार आना, अत्यधिक खांसी होना, जुकाम, नाक बहना, आंखें लाल होना, शरीर में चकत्ते होना इस बीमारी के लक्षण हैं। यह फैलने वाली बीमारी है, इसलिए इसकी रोकथाम हेतु टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बच्चा शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर होने के साथ उनकी मृत्यु भी हो सकती है।
डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि रुबेला बीमारी से अक्सर घुटनों में तेज दर्द होने के साथ गर्भवती महिला के बच्चे के ग्रोथ में रुकावट आती है। इस बीमारी से गर्भपात का भी खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि खसरा कुपोषित बच्चों में तेजी से फैलने का खतरा रहता है, इसलिए सरकार देश के नौनिहालों को इस बीमारी से बचाने हेतु टीकाकरण अभियान चला रही है। कार्यशाला में बीडीओ भूपाल सिंह खाती, व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, प्रोग्राम संयोजक प्रेम भट्ट, एसएस बोरा, बीआरसी, सीआरसी समन्वयक, चिकित्सा अधिकारी, फार्मेसिस्ट, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि थे।
चंपावत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खसरा रुबैला टीकाकरण संबंधी कार्यशाला का आयोजन सात जुलाई को सुबह 11 बजे से किया जाएगा। सीमएओ डॉ. एमएस बोहरा ने बताया कि सीएचसी सभागार में कार्यशाला का आयोजन होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यशाला में अनिवार्य रूप से भाग लेने को कहा है।