चंपावत। यहां जिला सभागार में सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारियों (पीआईओ) की चार दिनी कार्यशाला शुरू हो गई है। इसका शुभारंभ एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने किया। कहा कि विभागों एवं आम जनता के टैक्स से उपलब्ध सरकारी धन से किए जा रहे सभी कार्यों को जानने का हक भारत के हर निवासी को है।
एसडीएम ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर लोक प्राधिकारी से सूचना मांगी जा सकती है। भारत का कोई भी नागरिक पीआईओ से रिकॉर्ड, अभिलेख, ईमेल, लॉगबुक, कागजात का निरीक्षण कर, प्रतिलिपि भी मांग सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति, बोलने का अधिकार दिया है।
उन्होंने कहा कि लोक सूचना अधिकारियों एवं आम नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम समझना जरूरी है, ताकि वह अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सके। डॉ. एमपी जोशी ने कहा कि उन सूचनाओं का प्रकटन नहीं किया जाएगा, जिससे भारत की संप्रभुता, अखंडता प्रभावित हो, न्यायालय द्वारा प्रकाशन को निषेध किया गया हो, संसद या विधानसभा के विशेषाधिकार का उल्लंघन हो सकता हो, किसी व्यक्ति के जीवन, सुरक्षा के प्रति खतरा पैदा करती हो, जांच प्रक्रिया को प्रभावित करती हो, किसी व्यक्ति की निजता में अवांछित घुसपैठ करती हो, किसी के कॉपीराइट का उल्लंघन करती हो की सूचना नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि गुप्तचर एवं सुरक्षा एजेंसियों में केवल भ्रष्टाचार, मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से संबंधित सूचनाओं को छोड़कर अन्य सूचनाओं को इस अधिनियम के प्राविधानों से छूट प्राप्त है। मास्टर ट्रेनर राजेश गोरकेला ने कहा कि शुल्क जमा होने के 30 दिन के अंदर सूचना आवेदक को उपलब्ध करानी होगी। कार्यशाला में सीओ पीएस कफलिया, बीडीओ भूपाल सिंह खाती, ईई यूपीसीएल राजेश कुमार, प्रशांत कुमार, परियोजना प्रबंधक जलागम एमएस कुंवर, मत्स्य निरीक्षक त्रिभुवन मौर्या सहित 25 विभागों के अधिकारी थे।