गांवों में गौरा महोत्सव की धूम
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर से लगे सुंई गांव में आयोजित गौरा महोत्सव का विशेष पूजा-अर्चना के साथ समापन हो गया है। महिलाओं ने मार्मिक अंदाज में गौरा देवी को विदा कर आशीर्वाद लिया। सुंई के मां भगवती मंदिर, खैसकांडे, पुजारी गांव में महिलाओं ने गौरा-महेश की प्रतिमा बनाकर विशेष पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने प्रतिमाओं के चारों ओर झोड़ा, चांचरी आदि का गायन कर मां गौरा की आराधना की।
महिलाओं ने गौरा देवी तू जाली पंज्याला, गौरा बिना मैं कसिक रूनूं, दीजा बैना कपोली बिंदिया आदि गीतों के साथ गौरा देवी को विदा किया गया। विभिन्न स्थानों से आई महिलाओं ने भी मां गौरा का आशीर्वाद लेकर सुख-शांति-समृद्धि की कामना की। आयोजन में रेवती देवी, गोविंदी देवी, निर्मला चौबे, सुशीला चौबे, माधवी, कमला, हेमा, मंजू, अमिता, गीता खर्कवाल, लक्ष्मी जोशी, रेखा पुजारी, पुष्पा चौबे, आशा, अंजलि, नीमा, दीपा, लीलावती, ज्योति चौबे, कमला आदि महिलाएं जुटी थीं। इधर नेपाल सीमा से लगे चमदेवल के जिंडी, सुनकुरी गांवों में भी गौरा महोत्सव की धूम मची है। गौरा देखने के लिए दूरदराज स्थानों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।