लोहाघाट में वेतन और बोनस की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मी।
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वेतन और दिवाली के बोनस की मांग को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी संघ ने बांहों पर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने रोडवेज स्टेशन में नारेबाजी कर वेतन और दिवाली का बोनस देने की मांग की है। शीघ्र मांगों को पूरा नहीं करने पर कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शनिवार को संघ के मंत्री मनोज मिश्रा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने दो सूत्री मांगों को लेकर काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। कहा कि लोहाघाट डिपो को लगातार अच्छी आय होने के बावजूद भी कर्मी दो माह से वेतन के लिए तरस रहे हैं। यहां तक कि उन्हें चार हफ्ते बाद भी दिवाली के बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन नहीं मिलने से उन्हें तमाम तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है। संघ के मंत्री मिश्रा का कहना है कि सात दिसंबर तक सभी कर्मचारी बांहों में काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद बैठक कर उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में गजेंद्र द्विवेदी, जाकिर अली, दीपक प्रसाद, जगदीश सिंह, हरीश भट्ट, किशन सिंह, कैलाश कुमार, आत्मप्रकाश, महिपाल, प्रकाश गड़कोटी, पुष्कर भट्ट, जीवानंद भट्ट आदि शामिल थे।
टनकपुर में भी दो माह से वेतन नहीं मिलने से गुस्साए उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। शनिवार से उन्होंने काला फीता और वेतन न मिलने का टैक लगाकर काम किया। उन्होंने कहा है कि समय पर वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित न किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन के कर्मचारी नेता नीरज सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काले फिते बांधे और टैक लगाकर आक्रोश जताया। 7 दिसंबर तक निगम प्रबंधन के खिलाफ इस तरह विरोध जताया जाएगा। इसके बाद 8 से 15 दिसंबर तक प्रदेश के सभी बस स्टेशन में सामूहिक उपचार, धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरे चरण में 21 दिसंबर से निगम मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन, चौथे चरण में 4 जनवरी को सचिवालय में प्रदर्शन और इसके बाद 16 जनवरी की मध्यरात्रि से सामूहिक अवकाश के साथ पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा।