दरकती पहाड़ी से खतरे की जद में आया सीडब्ल्यूसी के कैंप कार्यालय का टिनशेड।
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निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर मां पूर्णागिरि धाम के पिछले हिस्से से लगी पहाड़ी बुधवार रात फिर दरक गई। पहाड़ी का मलबा गिरने की आवाज से आसपास डेरा जमाए मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। मलबे से निर्माणाधीन मार्ग वाहनों के लिए बंद हो गया है। वहीं, भारी मात्रा में मलबा शारदा में जाने से उस स्थान पर पानी का बहाव तेज हो गया है। इधर, एसएसबी जवानों ने मलबा हटाकर पैदल आवाजाही के लिए मार्ग खोल दिया है।
निर्माणाधीन मार्ग पर तीन दिन पहले मां पूर्णागिरि धाम से लगी अंग्रेज चट्टान की दरक गई थी, जिस पर पुजारियों ने धाम को खतरे का अंदेशा जताते हुए प्रशासन से शीघ्र सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की। इधर, बुधवार रात अंग्रेज चट्टान से करीब छह सौ मीटर दूर किमी 15.1 पर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया है। मलबा गिरने की आवाज से आसपास टेंट लगाकर डेरा जमाए मजदूरों ने सुरक्षित स्थान पर जाकर जान बचाई। कार्यदायी विभाग पीआईयू के जेई वीएस पोखरिया ने बताया कि पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आया है। एसएसबी जवानों ने मलबा हटाकर पैदल आवाजाही लायक रास्ता खोल दिया है। जेई ने बताया कि मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
सीडब्ल्यूसी कैंप कार्यालय का टिनशेड भी खतरे की जद में
टनकपुर। निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर ठुलीगाड़ में स्थित सीडब्ल्यूूसी के कैंप कार्यालय का टिनशेड भी पहाड़ी के दरकने से खतरे की जद में आ गया है। टिनशेड के पास भी पहाड़ी में लंबे समय से कटाव हो रहा है। पूर्व में सीडब्ल्यूसी ने कार्यदायी विभाग पीआईयू से टिनशेड की सुरक्षा के उपाय करने का आग्रह किया था, लेकिन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए।