लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज का लोहाघाट डिपो पुरानी हो चुकी बसों का संचालन कर यात्रियों की जान को जोखिम में डाल रहा है। बसों की कमी के चलते कई रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। रोडवेज की पुरानी बसें रास्ते में ही दगा दे रही हैं जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लोहाघाट डिपाे में वर्तमान में 33 बसें हैं। इसमें पर्वतीय रूट का मानक पूरा कर चुकी छह बसों का संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए किया जा रहा है। डिपो में 14 नई बसें हैं। 13 बसें 2016 और 2019 मॉडल की हैं। ये बसें आए दिन सड़क पर चलते-चलते हांफ जाती हैं। लोहाघाट से दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, देहरादून, बरेली, काशीपुर, हल्द्वानी, नैनीताल आदि रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है। अधिकांश नई बसों का संचालन दिल्ली के लिए किया जाता है। बसों की कमी के चलते लोहाघाट से बरेली, काशीपुर और नैनीताल बस का संचालन टनकपुर से किया जा रहा है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और लोग लंबे समय से डिपो को 25 नई बसें उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन मात्र दो नई बसें उपलब्ध कराकर लोगों को झुनझुना थमा दिया गया है। यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। - जगदीश सिंह मेहता, लोहाघाट
रोडवेज के लोहाघाट डिपो मेंं बसों की भारी कमी से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की सुविधाएं देने के लिए रोडवेज को 20 नई बसें उपलब्ध करानी चाहिए। बसों की कमी के चलते काफी दिक्कतें होती हैं। - चंद्रकला जोशी, लोहाघाट
डिपो में वर्तमान में 33 बसें हैं। इनमें सात लाख का मानक पूरा कर चुकी छह बसों का संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों को किया जा रहा है। बसों की कमी से कुछ रूटों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। शासन से नई बसें उपलब्ध कराने की मांग की जाती रही है। - धीरज वर्मा, एजीएम लोहाघाट