रोडवेज की ज्यादातर बसें चुनाव कार्य में भेजे जाने से मंगलवार को यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पर्वतीय रूट पर बसों का टोटा रहा। इससे पर्वतीय मार्ग पर यात्रा में निकलने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा। बुधवार को मतदान के दिन भी रोडवेज की बसों का कम संचालन होगा।
रीजन के पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो को छोड़ कर अकेले टनकपुर डिपो से मैदान और पर्वतीय मार्ग पर हर दिन करीब 65 बसों का नियमित संचालन होता है, लेकिन विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा बसें अधिग्रहित किए जाने से बसों को खासा अभाव हो गया है। इतना ही नहीं ज्यादातर निजी टैक्सी वाहनों को भी अधिग्रहित किए जाने से यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा ने बताया कि डिपो की 120 बसों में से 52 बसें चुनाव कार्य के लिए भेजी गई है।
मंगलवार को मैदान और पर्वतीय मशाबर्वें पर सिर्फ 13 बसों का ही संचालन हो सका है। मतदान के दिन यानि बुधवार को इन 13 बसों में भी कुछ और बसें चुनाव कार्य के लिए भेजी जानी है। उनके मुताबिक मतदान के दिन मजबूरी वश सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा को मैदान और पर्वतीय मार्गों पर कुछ बसों का संचालन सुचारु रखा जाएगा ताकि उन्हें असुविधा न हो।
बहरहाल रोडवेज बसों व निजी टैक्सी वाहनों के अभाव में मंगलवार को यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन की तलाश में यात्री दिनभर इधर-उधर भटकते नजर आए।