निर्वाचन विभाग ने लोगों को अधिक से अधिक मतदान को प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया। मतदान और चुनाव प्रक्रिया को अंजाम देने वाले कर्मियों में वोटिंग को लेकर खास उत्साह नहीं रहा। चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों में से 39.91 प्रतिशत ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इन कर्मियों ने वोट देने के लिए जरूरी प्रपत्र ही नहीं भरा।
लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ी ताकत है, इसे निर्वाचन में लगा अमला खूब जोरशोर से उठाता रहा है। मगर चुनाव प्रक्रिया और मतदान में लगे कर्मियों ने खुद वोटिंग को लेकर उत्साह नहीं दिखाया। जिले की दोनों विधानसभा सीटों में चुनाव संचालन और मतदान प्रक्रिया में लगे इस जिले की वोटर लिस्ट में दर्ज कर्मी और पुलिस कर्मियों की तादात 2486 है। लेकिन निर्धारित वक्त तक इसमें से महज 1494 ने ही प्रारूप-12 फार्म भरा।
प्रभारी अधिकारी अंशुल बिष्ट के मुताबिक चुनाव में लगे कार्मिकों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रारूप-12 में पूर्ण विवरण जमा करना होता है। इसके बाद इन कर्मियों को ड्राप बॉक्स में वोट डालने का अधिकार मिलता है। प्रभारी अधिकारी के मुताबिक 4 फरवरी से ड्राप बॉक्स में वोट डालना शुरू किया गया था और अब तक 768 वोट कर्मियों द्वारा डाले जा चुके हैं। कर्मी मतगणना के दिन यानि 11 मार्च सुबह 8 बजे से पूर्व तक वोट डाल सकेंगे।