रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने निगम की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने की सरकार की योजना का भी विरोध जताया। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के केंद्रीय प्रबंधक समिति देहरादून के आह्वान पर टनकपुर क्षेत्रीय समिति ने प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
मंगलवार को क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहन सिंह भंडारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक (संचालन) के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनका कहना है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद भी विशिष्ट श्रेणी चालक, परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों को समान वेतन नहीं दिया जा रहा है और न ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अवशेष का ही भुगतान ही किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार पर निगम की संपत्तियों को इधर-उधर करने का भी आरोप लगाया। धरने पर बैठने वाले में प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश चंद्र मुरारी, बलदेव प्रसाद, इंद्र सिंह बिष्ट, तेजवीर सिंह, भुवन चंद्र पांडेय, विनोद नौटियाल, राजेंद्र बिष्ट समेत पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के कर्मचारी भी मौजूद थे। कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन धरने से फिलहाल रोडवेज बस सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की ये हैं मांगें
राज्य कर्मचारियों की भांति सातवें वेतन आयोग का लाभ दें।
वाह्यस्रोत कर्मचारियों को विभागीय संविदा एवं संविदा कर्मियों का नियमितीकरण और न्यूनतम मानदेय 18 हजार हो।
मृतक, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान, कर्मचारियों को वेतन के साथ अतिकाल एवं ऋण समिति का भुगतान माह की पहली तारीख को हो।
कार्यालयों में तैनात कर्मियों को पदनाम एवं ग्रेड वेतन और एसीपी का लाभ दिया जाए।
संगठनात्मक ढांचे का संगठन प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद पुनर्गठन किया जाए।
निगम की ओर से संचालित जन कल्याणकारी योजना का शासन में लंबित भुगतान 28 करोड़ और आपदा मद का 22 करोड़ रुपये का भुगतान कराया जाए।