पहाड़ पर आमतौर पर क्रिसमस से स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित हो जाता है, लेकिन इस बार अतिथि शिक्षकों के जरिये इन विद्यालयों को खोला गया। जिला मुख्यालय के आदर्श विद्यालय जीआईसी में पहले दिन एक भी छात्र नहीं पहुंचा। छात्रों का इंतजार करते अतिथि शिक्षक पूरे दिन खाली बैठे रहे।
चंपावत जीआईसी में 390 छात्र पंजीकृत हैं। क्रिसमस के अवकाश के बाद मंगलवार को एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा। वाणिज्य विषय के अतिथि शिक्षक प्रदीपनाथ, रसायन विज्ञान के संजीव कुमार भट्ट, जीव विज्ञान के चंचल सिंह कुंवर, हिंदी की ज्योति पोखरिया और भूगोल की आस्था बिष्ट स्कूल में पहुंचकर छात्रों का इंतजार करते रहे।
विद्यालय में हलचल देख आसपास रहने वाले पांच छात्र बगैर बस्ता लिए स्कूल जरूर पहुंचे, लेकिन थोड़ी देर में वे भी चले गए। प्रधानाचार्य और चंपावत के बीईओ का अतिरिक्त जिम्मा संभाल रहे सीपी गहतोड़ी का कहना है कि सभी अतिथि शिक्षक नियत समय पर स्कूल पहुंच गए थे। उनका कहना है कि छात्रों को शीत अवकाश में स्कूल खुले होने और अतिथि शिक्षकों द्वारा शिक्षण कराए जाने की जानकारी दी गई थी।
अतिथि शिक्षकों ने छात्राओं को पढ़ाया
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राएं मंगलवार को आम दिनों की तरह ही पहुंचीं। प्रधानाचार्या हेमंती बोरा ने बताया कि भूगोल की प्रवक्ता मीना टम्टा, अंग्रेजी की सविता ध्यानी, जीव विज्ञान की माया पंगरिया, अर्थशास्त्र की चंदना देउपा और सामाजिक विषय की एलटी शिक्षिका माया ने अपने विषयों के अलावा दूसरे विषयों को भी पढ़ाया। 550 छात्राओं में से 251 छात्राएं मौजूद थीं। प्रधानाचार्या बोरा का कहना है कि जाड़ों की छुट्टियों में स्कूल खुलने से छात्राओं को बोर्ड परीक्षा के लिए पुनरावृत्ति कर तैयारी का मौका मिलेगा।
गैर हाजिर अतिथि शिक्षकों को नहीं मिलेगा मानदेय
सीईओ आरसी पुरोहित ने निदेशालय के आदेश का हवाला देते हुए अतिथि शिक्षकों को जाड़ों के अवकाश में नियमित रूप से अपने स्कूलों में पढ़ाई करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि गैर हाजिरी अतिथि शिक्षकों को इस अवधि का मानदेय नहीं दिया जाएगा। चंपावत जिले में अतिथि शिक्षक के रूप में इस वक्त 112 एलटी शिक्षक और 150 प्रवक्ता तैनात हैं।