बर्दाखान-सिमलखेत मार्ग में वाहनों की छतों में सवारियां बैठाकर इस तरह की जा रही ओवर लोडिंग।
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ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर वाहनों में ओवर लोडिंग थमने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस और परिवहन विभाग वाहनों में ओवर लोडिंग को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। हालत यह है कि आल्टो में आठ से दस के बीच तो जीपों में 15 के बीच सवारियां ढोई जा रही हैं। यह स्थिति तब है कि जबकि जिले में इस साल हुए सड़क हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
लोहाघाट से गल्लागांव, बाराकोट, बर्दाखान, सिमलखेत, तड़ीगांव, रौंसाल, पुलहिंडोला, पंचेश्वर, मटियानी, खेतीखान, पाटी, देवीधुरा, मूलाकोट, रीठासाहिब, भिंगराड़ा आदि ग्रामीण मार्गों में सीमित वाहनों का संचालन होने से यहां वाहनों में जमकर ओवर लोडिंग हो रही है। पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी ओवर लोडिंग करने वालों पर शिकंजा नहीं कस पा रहे हैं। महीने दो महीने में परिवहन विभाग के अधिकारी ग्रामीण मार्गों में चेकिंग अभियान चलाते हैं। जिसमें कुछ वाहनों के चालान कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
नियमित चेकिंग न होने से वाहन चालक वाहनों में सवारियों को ठूस ठूस कर ले जा रहे हैं। वाहनों की कमी के कारण यात्रियों को ओवर लोडिंग टैक्सियों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने वाहनों में ओवर लोडिंग को रोकने और ओवर लोडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष हेमंत कठैत का कहना है कि ओवर लोडिंग पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जबकि संभागीय परिवहन अधिकारी से प्रयास करने के बाद भी फोन से संपर्क नहीं हो पाया।