निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग।
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नेपाल से लगी सरहद की सुरक्षा के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग का काम अब जल्द ही शुरू हो सकेगा। इस मार्ग के दूसरे पैकेज चूका से रूपालीगाड़ तक के हिस्से का काम बीते 26 माह से बंद था। काम बंद होने के साथ रीटेंडर पर भी रोक लगी थी।
देहरादून की वाणिज्यिक अदालत से लगी रोक हटने के बाद अब टेंडर भी हो गया है। 30 अक्तूबर को देहरादून में चूका से रूपालीगाड़ तक के निर्माण कार्य का टेंडर लग गया। इसी के साथ अब यह काम फिर से शुरू होने की आस जाग गई है।
131 किलोमीटर लंबे टीजे मोटर मार्ग में टनकपुर से रूपालीगाड़ तक 55 किमी में बनाए गए दो पैकेज में काम चल रहा था। प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र की स्थिति साफ न होने के चलते रूपालीगाड़ से जौलजीबी के बीच का काम अधर में लटका है लेकिन चूका से रूपालीगाड़ तक के 24.40 किमी के 123 करोड़ रुपये की लागत के दूसरे पैकेज का काम विवाद के चलते अगस्त 2017 से लटका था।
चूका से रूपालीगाड़ में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर ठेकेदार द्वारा हासिल करने के आरोप की शासन की जांच में पुष्टि हुई थी। इसके बाद आगे के काम और नए टेंडर कराए जाने पर रोक लगा दी गई थी। रोक हटाने के बाद निविदा के काम की अड़चन हट गई।
परियोजना क्रियान्वयन इकाई के टनकपुर के अधिशासी अभियंता राजेश पुनेठा ने बताया कि चूका से रूपालीगाड़ तक के कटिंग के बकाया काम की निविदा 30 अक्तूबर को हो गई है। अब निविदा का तकनीकी वेल्युशन किया जाएगा। इसके बाद अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर सड़क की कटिंग का काम शुरू किया जाएगा। रोक लगने से पूर्व तक इस मार्ग पर करीब 10 किमी की कटिंग हो चुकी थी।
टनकपुर से ठुलीगाड़ तक का काम पहले ही पूरा हो चुका है। जबकि ठुलीगाड़ से चूका (17.875 किमी) तक के पहले पैकेज का काम अगले साल के शुरू में पूरा होने की उम्मीद है।