टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर सोमवार को स्वांला के पास पहाड़ी दरकने से करीब साढ़े चार घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
इसके अलावा विश्राम घाट और बाराकोट में भी भारी बरसात के कारण मलबा आने से कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। इस कारण चंपावत से टनकपुर-पिथौरागढ़ और टनकपुर से चंपावत-पिथौरागढ़ की ओर आवाजाही करने वाले सैकड़ों वाहन और यात्री अधर में फंस गए। एनएच और कार्यदायी संस्था की कड़ी मशक्कत के बाद आवाजाही शुरू हो पाई।
सोमवार सुबह करीब छह बजे स्वांला के पास चट्टान दरक गई। इससे पूरी सड़क मलबे और बोल्डरों से पट गई। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही मौके पर एनएच और कार्यदायी संस्था की टीम पहुंच गई। चट्टान से लगातार गिर रहे बोल्डरों के चलते कर्मियों को मलबा हटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद साढ़े दस बजे सड़क से मलबा हटाया जा सका।
इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लग गया। 150 से अधिक वाहन और करीब 1500 यात्री घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण यात्रियों को वाहनों में ही बैठकर सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
जबकि स्वांला मंदिर के पास सुबह नौ बजे मलबा आने से मार्ग बंद हो गया जिसे डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद साढ़े दस बजे खोला जा सका। इसके अलावा बाराकोट में भी सुबह छह बजे के आसपास मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। जिसे एक घंटे बाद खोला जा सका।
चुनाव प्रशिक्षण में देरी से पहुंचे कर्मचारी
चंपावत। टनकपुर-चंपावत के बीच सड़क बंद होने का खामियाजा मतदान प्रशिक्षण में शामिल होने आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ा। टनकपुर-बनबसा से जिला मुख्यालय में प्रशिक्षण हासिल करने आ रहे कर्मचारी जाम के चलते प्रशिक्षण में काफी देरी से पहुंचे।
कभी भी गिर सकता है स्वांला सीआरसी का भवन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग की कटिंग से रोड से लगा स्वांला खतरे की जद में है। यहां कई हिस्से बेहद खतरनाक बन गए हैं। कटिंग से न्याय पंचायत संसाधन केंद्र (सीआरसी) का भवन भी खतरे की जद में है। खतरे को देखते हुए केंद्र के सामान को शिक्षा विभाग ने अन्यत्र शिफ्ट किया है। इसके अलावा कुछ अन्य निजी इमारत भी खतरे की जद में हैं।
यहां से 22 किमी दूर स्वांला में रोड कटिंग और भूकटाव से शिक्षा विभाग का सीआरसी भवन जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव के चलते यह इमारत कभी भी गिर सकती है। स्वांला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शोभा जोशी का कहना है कि सीआरसी भवन के खतरे की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई है। बीईओ अंशुल बिष्ट का कहना है कि खतरे के मद्देनजर सीआरसी भवन का उपयोग नहीं करने और यहां की सामग्री को अन्यत्र शिफ्ट करने को कहा गया है।
वहीं स्वांला के निवर्तमान ग्राम प्रधान ईश्वरी दत्त का भवन भी भूकटाव से खतरे की जद में है। ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त बंदोबस्त करने का प्रशासन से आग्रह किया है। बता दें कि इससे पूर्व 24 सितंबर को स्वांला के प्राथमिक विद्यालय भवन के खतरे के मद्देनजर छात्र-छात्राओं को जीआईसी मेें शिफ्ट कर दिया गया।
चंपावत जिले के स्वांला में एनएच में आए मलबे ने रोकी यात्रियों की राह।- फोटो : CHAMPAWAT