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सेवानिवृत्त बीईओ के इकलौते बेटे ने फंदे से लटक कर जान दी

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चंपावत। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 32 साल के एक युवक का शव फंदे से लटका मिला है। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की वजह पता नहीं चल सकी। अलबत्ता युवक के पिछले कुछ समय से परेशान होने की बात कही जा रही है।
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सेवानिवृत्त बीईओ और क्षेत्र के नामी सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र बोहरा के बेटे नीरज सिंह बोहरा का शव जिला अस्पताल के पास अपने घर के बाहर सीढ़ी की एंगिल पर लटका मिला। शनिवार सुबह करीब आठ बजे घटना का पता चला। वारदात की भनक लगते ही परिजनों के पांव तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। डॉ. शशांक ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शाम को ताड़केश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। नीरज कुछ समय से तनाव में था। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
फंदे पर लटका मिला पटनगांव का प्रवासी
पाटी (चंपावत)। कोरोना के दौरान पिछले साल मई में अपने गांव लौटे एक प्रवासी युवक का शव पंखे से लटका मिला।
पटनगांव के बालीगांव निवासी हरीश सिंह (20) कोरोना काल में पिछले साल मई में गांव लौटा था। युवक दिल्ली में एक बेकरी की दुकान में काम करता था। ग्रामीणों का कहना है कि तीन भाइयों में सबसे छोटा हरीश बीते दो माह से गुमशुम रहता था। लोहाघाट में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम हरीश का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के वक्त वह घर में अकेला था और माता-पिता खेत में गए थे। हरीश दो माह से मानसिक रूप से परेशान था। (संवाद)
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14 महीने में हो चुकी 14 लोगों की मौत
चंपावत। जिले में आत्महत्या के आंकड़े चिंताजनक हैं। 2020 से 14 लोगों ने आत्महत्या की है। इन दो घटनाओं को प्रथमदृष्टया आत्महत्या माना जा रहा है। इससे पहले 26 जनवरी की सुबह लोहाघाट बंदीगृह में भी एक विचाराधीन बंदी का शव लटका मिला था। वर्ष 2020 में 11 लोगों ने आत्महत्या की है। मनोवैज्ञानिक सामाजिक कार्यकर्ता हेम बहुगुणा का कहना है कि आत्महत्या बीमारी जैसी प्रवृत्ति है। व्यक्ति के बदले हावभाव से इस बीमारी के बीज को पहचाना जा सकता है। ऐसी स्थिति में लक्षण पहचान कर तुरंत मनोचिकित्सक या किसी परामर्शदाता से राय ली जानी चाहिए। वक्त पर पारिवारिक, सामाजिक सहयोग, आर्थिक स्थिति, मनोरंजन के जरिये इस स्थिति को बदला जा सकता है।
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