मापतौल विभाग के ठेकेदार के प्रतिनिधि के पास परिचय पत्र (आईडी) न होना भारी पड़ा। रविवार को यहां कांटों के सत्यापन के लिए आए ठेकेदार के प्रतिनिधि को इस वजह से भारी दिक्कतें हुई। कुछ दुकानदारों ने तो इलेक्ट्रानिक कांटे के सत्यापन के लिए रकम दी, मगर कुछ ने इस पर आपत्ति जताई। दुकानदारों के विरोध के बाद ठेकेदार के प्रतिनिधि ने रकम वापस की।
चंपावत के त्यारकुड़ा मोड़ के वजीर खाती की दुकान में भगवती रिपेयरिंग वर्क्स के प्रतिनिधि हरीश निर्खुपा पहुंचे। इलेक्ट्रानिक्स कांटे को जांचने के बाद पट्टी ले जाने और 600 रुपये मांगने लगा। इस पर दुकानदार खाती ने हरीश निर्खुपा से उनकी आईडी मांगी। आईडी या कोई कागजात नहीं दिखा पाने पर दुकानदार ने व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन गिरि और सभासद ललित पांडेय से संपर्क किया। मौके पर पहुंचे व्यापार संघ अध्यक्ष ने कंपनी के प्रतिनिधि से अधिकृत पत्र दिखाने को कहा, जिस पर वह कोई भी कागज नहीं दिखा सका।
व्यापार संघ अध्यक्ष गिरि ने दुकानदारों से कांटों के सत्यापन के नाम पर ली गई रकम लौटाने को कहा तथा भविष्य में अधिकृत पत्र के साथ दुकानदारों के पास आने को कहा। कुछ दुकानदारों की रकम वापस भी हुई। वहीं व्यापारियों ने चंपावत में कैंप लगाने तथा किसी प्रतिनिधि को भेजने से पूर्व इसकी जानकारी व्यापारियों को देने की मांग की।
कंपनी को दिया गया है ठेका : भंडारी
पिथौरागढ़ की माप तौल अधिकारी शांति भंडारी ने कहा कि कांटों के सत्यापन के लिए पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में कुछ कंपनियों को ठेके दिए गए हैं। चंपावत में भगवती रिपेयरिंग वर्क्स को इस काम का ठेका दिया गया है। रविवार को चंपावत में सत्यापन करने वाला व्यक्ति कंपनी का ही प्रतिनिधि था। इसका मकसद दुकानदारों को असुविधा से बचाना था। साथ ही उन्होंने कहा कि चंपावत, लोहाघाट में हर वर्ष कैंप लगाने में अधिक रकम खर्च हो रही थी, जिससे एक साल कंपनी द्वारा कांटों का सत्यापन करने की व्यवस्था दी गई थी।