चंपावत। देश भर में मशहूर रीठा साहिब गुरुद्वारे में 24 मई से होने वाला जोड़ मेला अब नहीं होगा। ये लगातार दूसरा वर्ष है, जब जोड़ मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। कोविड के चलते 2020 में पहली बार ये मेला नहीं हुआ था। सामान्य रूप से तीन दिनी जोड़ मेले में दो लाख से अधिक गुरु के भक्त शीश नवाते हैं।
इस बार जोड़ मेला 24 मई से 26 मई तक कराने का अप्रैल में निर्णय हुआ था। इसे लेकर गुरुद्वारा प्रबंध समिति नानकमत्ता के अध्यक्ष बाबा रंजीत सिंह के नेतृत्व में उच्च स्तरीय दल ने बाकायदा मौका मुआयना भी किया था। तब समिति ने कोविड के दिशा-निर्देशों के तहत मेले के आयोजन करने का निर्णय लेने के साथ ही मेले की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इसके बाद चंपावत जिले सहित पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण की गंभीर होती गई। ऐसे हालात में अब प्रबंध समिति ने पूर्व के निर्णय में संशोधन करते हुए आयोजन नहीं करने का एलान किया है। बता दें कि 2020 में रीठा साहिब गुरुद्वारे के इतिहास में पहली बार कोरोना लॉकडाउन के चलते जोड़ मेला नहीं हुआ था। लगातार दूसरी बार जोड़ मेला नहीं होने से यहां के कारोबार पर भी गहरी चपत लगेगी।
यहां से 75 किलोमीटर दूर रीठा साहिब सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की साधना और चमत्कारों का समागम रहा है। 1505 में खुद गुरु नानक जी ने यहां आध्यात्मिक चमत्कार दिखाए थे। इसके बाद यहां के कड़ुवे रीठे मीठे हो गए थे। यही रीठे प्रसाद में गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं को दिए जाते हैं। लधिया और रतिया नदी के संगम पर स्थित रीठा साहिब को यह गुरुद्वारा देश-विदेश में पहचान दिलाता है।
कोट
कोरोना की तेज होती दूसरी लहर के चलते गुरुद्वारा प्रबंध समिति नानकमत्ता ने जोड़ मेले को स्थगित कर दिया है। पूर्व में 24 मई से तय जोड़ मेले का कार्यक्रम अब नहीं होगा।
बाबा श्याम सिंह, प्रबंधक, गुरुद्वारा, रीठा साहिब।