बनबसा में एक मीट के खोखे को हटाती जेसीब।
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लंबी दूरी की रेल सेवा शुरू करने के लिए मंगलवार को रेलवे ने रेलवे ट्रैक के किनारे का अतिक्रमण हटाया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को रेलवे भूमि खाली करने के लिए चार बार नोटिस भी जारी किए गए थे, जबकि कुछ दुकानदारों ने रेलवे पर बिना नोटिस दिए उक्त कार्रवाई किया जाने का आरोप लगाया है।
मंगलवार को रेलवे के सीनियर सेक्शन अभियंता (आई डब्लू) संजीव कुमार और मुन्ना कुमार के नेतृत्व में रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मार्ग किनारे रेलवे फाटक के पास की करीब एक सौ दुकान, खोखों और फड़ लगाने वालों को हटा दिया। रेलवे ने आरपीएफ, रेलवे पुलिस और पुलिस की मदद भी ली। अतिक्रमण हटाने को रेलवे प्रशासन ने जेसीबी मशीनों भी प्रयोग किया। रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि रेलवे ट्रैक के किनारे दुकान चलाने वलों को चार बार विभाग को ओर से रेलवे ट्रैक खाली करने को नोटिस भी जारी किए गए थे।
बताया कि उक्त दुकानदार रेलवे को लीज या किराया भी नही दे रहे थे। इस मौके पर रेलवे जीआरपी के इंस्पेक्टर प्रणय कुमार, टनकपुर चौकी प्रभारी सुनील कुमार मिश्र समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शांति व्यवस्था को बनबसा पुलिस भी तैनात की गई थी। किसी भी दुकानदार द्वारा विरोध प्रदर्शन नही किया गया, लेकिन रेलवे की इस कार्रवाई से करीब डेढ़ सौ परिवारों के आगे रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बनबसा के बाद अब टनकपुर में भी रेलवे ट्रैक के किनारे का अतिक्रमण हटाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने बनबसा में रेलवे ट्रैक से दूर कुछ दुकानों को विभाग द्वारा लीज पर आवंटित करने की भी संभावना जताई है।