चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के पद को खाली रख दोबारा चुनाव कराने की जिला अदालत में दायर याचिका खारिज हो गई है। अध्यक्ष पद के पराजित प्रत्याशी सुषमा फर्त्याल की ओर से 25 अगस्त 2014 को यह याचिका दायर की गई थी।
जिला जज बीएस दुग्ताल ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। अध्यक्ष के अधिवक्ता जोधसिंह ढेक और नरेश ढेक ने बताया कि याचिका को प्रत्याशी द्वारा पेश करने को खुद नहीं आने के आधार पर निरस्त किया गया है। पांच अगस्त 2014 को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में खुशाल सिंह अधिकारी ने सुषमा फर्त्याल को तीन वोटों से शिकस्त दी थी। इस नतीजे के खिलाफ सुषमा फर्त्याल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अधिवक्ता एलएस बोहरा और विद्याधर जोशी की ओर से दायर याचिका में जिला पंचायत सदस्य मीना देवी से जोर-जबर्दस्ती करने, मतदान केंद्र में ओपन वोटिंग करने, मतदाताओं को प्रभावित करके वोट डलवाने का आरोप लगाया था। इन वजहों से विजयी प्रत्याशियों को अयोग्य करार देते हुए पद खाली रखने का अदालत से आग्रह किया गया था। फर्त्याल के वकील विद्याधर जोशी ने बताया कि फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।