शारदा का जलस्तर दिन पर दिन कम होने लगा है, जो मई तक कम ही रहेगा। मई के बाद नदी का जल स्तर फिर बढ़ना शुरू होगा। जलस्तर कम होने से एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन और लोहियाहेड विद्युत गृह का विद्युत उत्पादन घटा है।
बरसात में उफान पर रहने वाली शारदा में वर्तमान में 5122 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। जनवरी तक नदी का जलस्तर घटकर तीन से चार हजार क्यूसेक बीच रह जाएगा। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव के मुताबिक शारदा में अब मई तक नदी का जलस्तर कम ही रहेगा। नदी का जलस्तर कम होने से एनएचपीसी के पावर हाउस में विद्युत उत्पादन 98 मेगावाट से घटकर 56 मेगावाट और लोहियाहेड में 18 से घटकर 11 मेगावाट रह गया है।
शनिवार को जलस्तर 5122 क्यूसेक था, जिसमें से 4822 क्यूसेक शारदा नहर में और 150 क्यूसेक नेपाल चैनल में छोड़ा जा रहा है। 150 क्यूसेक पानी बैराज से नदी को लीकेज हो रहा है। शारदा नहर की फुललोड क्षमता 11500 क्यूसेक है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि अब मई, जून में बर्फ पिघलने के बाद ही नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू होगा।