उत्तर भारत के सुविख्यात आस्था के केंद्र मां पूर्णागिरि धाम में बीएसएनएल ने मोबाइल फोन का टावर लगाने का काम पूरा कर दिया है, लेकिन विद्युत कनेक्शन नहीं मिल पाने से फिलहाल सेवा शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि तीन-चार दिन में विद्युत कनेक्शन मिलते ही पूर्णागिरि में भी यात्री मोबाइल से बातें कर सकेंगे।
मां पूर्णागिरि धाम नेपाल सीमा से सटा होने के कारण अब तक इस क्षेत्र में मोबाइल फोन की कनेक्टिविटी नहीं है। हर साल मां पूर्णागिरि के दर्शन को दूर-दराज से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन पूर्णागिरि में दूरसंचार की रेंज न होने से उनके मोबाइल फोन शोपीस बने रहते हैं। चैत्र नवरात्र में होली के तुरंत बाद तीन माह के विख्यात मेले में जिला पंचायत और प्रशासन विभिन्न व्यवस्थाएं तो करता है, लेकिन संचार की सुविधा मुहैया नहीं हो पाती थी। अब बीएसएनएल ने भैरव मंदिर के पास सेलागाड़ में मोबाइल टावर लगा दिया है, परंतु विद्युत कनेक्शन नहीं मिलने के कारण सेवा के लिए यात्रियों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
बीएसएनएल के सहायक तकनीकी अधिकारी दीपक पासवान के मुताबिक मोबाइल टावर की हवाई रेंज पांच से छह किमी है। टावर के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन की सभी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। बिजली विभाग द्वारा नई लाइन बिछाई जा रहा है। संभवत: तीन-चार दिनों में लाइन बिछते ही टावर का विद्युत संयोजन जुड़ जाएगा और मोबाइल फोन की सुविधा शुरू हो जाएगी।
लंबे संघर्ष के बाद मां पूर्णागिरि में मोबाइल फोन सेवा की सुविधा मुहैया हो रही है। व्यापार मंडल और मंदिर समिति ने इसके लिए कई बार उचित मंच पर आवाज उठाई। उसी का नतीजा है कि आज देवी का यह धाम मोबाइल फोन सेवा से जुड़ने जा रहा है। धाम में मोबाइल सेवा मुहैया कराने में बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ ही कुमाऊं कमिश्नर अवनेंद्र सिंह नयाल और जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी का विशेष योगदान रहा है। -पं.भुवन चंद्र पांडेय, अध्यक्ष, पूर्णागिरि व्यापार मंडल।