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आखिर ढह गए लोहाघाट के 17 अतिक्रमण

Tue, 08 Dec 2015 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से एनएच पर स्थित स्टेशन बाजार से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान कुल 17 छोटे दुकानदारों के कच्चे निर्माण ढहाए गए। भारी पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए खोखा-फड़ स्वामियों से उनकी दुकानों को खाली करवाया गया।
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एसडीएम सीएस डोबाल, टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल और पुलिस क्षेत्राधिकारी आरएस रौतेला की देखरेख में अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया गया। करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई में अतिक्रमण की जद में आए फड़ों को जेसीबी से हटाया गया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही स्टेशन बाजार में लोगों का हुजूम उमड़ गया। हालांकि, किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध पैदा नहीं हुआ। एनएच होने के कारण वाहनों की भारी भीड़ के चलते समय-समय पर जाम की स्थिति पैदा होती रही।

अभियान में चंपावत के कोतवाल देवेंद्र सिंह दिगारी, लोहाघाट के थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी, पाटी के प्रभात कुमार, पंचेश्वर के राजेश पांडेय और श्रीरीठा साहिब के थानाध्यक्ष सीएस कन्याल, दो प्लाटून पीएसी, 25 सिपाहियों के अलावा पर्याप्त मात्रा में महिला सिपाही और बगैर वर्दी के जवानों के अलावा फायरब्रिगेड एवं टियरगैस सैल की भी व्यवस्था की गई थी।
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ये फड़ हटाए गए
नारायण राम, दिनेश ढेक, जाकिर हुसैन, जौहर हुसैन, गोविंद खर्कवाल, मोहन खर्कवाल, ललित खोलिया, संजय जोशी, उमेश चंद्र, गोविंद राम, बेनी प्रसाद, रमेश चंद्र पुनेठा, शफीक अहमद, किरन जुकरिया, गिरीश खोलिया, मोहन जुकरिया और कैलाश खर्कवाल के फड़ों को हटाया गया।

सार्वजनिक शौचालय भी हुआ जमींदोज
अतिक्रमण की कार्रवाई में फड़ों के बीच में बना सार्वजनिक शौचालय भी तोड़ दिया गया। इसके चलते नगर पंचायत अध्यक्ष सहित व्यापारियों और अन्य लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना था कि हाईकोर्ट के आदेश में शौचालय शामिल नहीं था, मगर जनहित के कार्य में आने वाले नगर पंचायत के शौचालय को तोड़ा गया, जिसकी नगर पंचायत को पूर्व में कोई सूचना नहीं दी। नगर पंचायत अध्यक्ष लता वर्मा कहना था कि इस क्षतिग्रस्त शौचालय के स्थान पर नया शौचालय स्थापित किया जाना चाहिए। शीघ्र शौचालय का निर्माण नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, एसडीएम सीएस डोबाल का कहना था कि अतिक्रमण ध्वस्त करते समय अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष भैरव राय, नवीन मुरारी, गोविंद वर्मा, प्रमुख योगेश मेहता, भूपाल मेहता आदि मौजूद थे।

अब फड़ व्यापारी कैसे भरेंगे पेट
भीड़भाड़ वाले स्टेशन बाजार में प्रशासनिक कार्रवाई के चलते यहां के 17 लोगों ने खामोशी के साथ अपने रोजगार को उजड़ते हुए देखा। इसी के साथ उनके सामने रोजीरोटी की समस्या पैदा हो गई। किसी भी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण हटाने का कोई विरोध नहीं किया गया। उन्हें इस बात का मलाल था कि उन्होंने ऐसे स्थान पर खोखा बनाया था, जहां पर न तो यातायात बाधित होता था, और नहीं कोई जनसमस्या पैदा हो रही थी। 25 से 30 वर्षों से व्यापारी उस स्थान पर अपनी छोटी-मोटी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। प्रशासन द्वारा उनके विस्थापन की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

दूसरे चरण में घेरे में आएंगे 118 अतिक्रमण
एसडीएम सीएस डोबाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद 17 अतिक्रमणों को हटाया गया। दूसरे चरण में अन्य अतिक्रमणकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि पार्वती फिलिंग स्टेशन से पंचेश्वर तिराहे तक 118 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।

खुद व्यापारियों ने हटाना शुरू किया अतिक्रमण
मंगलवार सुबह से ही व्यापारियों द्वारा स्वयं अतिक्रमण खाली करने का कार्य शुरू कर दिया गया था। व्यापारियों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ अपने अतिक्रमणों को स्वयं हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया था।

एक अतिक्रमण हटाने में आई उलझन
अभियान में प्रशासन के सामने उस समय उलझन पैदा हो गई, जब हाईकोर्ट से आए आदेश में रमेश चंद्र पुनेठा का नाम शामिल था, जबकि दुकान उनके पिता पूर्णानंद पुनेठा के नाम की थी, तथा वे अपने नाम से तहबाजारी देते थे। कुछ देर तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई न कर उसे छोड़ दिया। इस पर जिन व्यापारियों के खोखा फड़ टूटे थे, उन्होंने इसका विरोध कर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद प्रशासन ने इस अतिक्रमण को भी ध्वस्त कर दिया।
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