खाद्यान्न योजना में ऑनलाइन फीडिंग गड़बड़ी का खामियाजा उपभोक्ता तो भुगत ही रहे हैं पर अब सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की भी मुसीबत बढ़ रही है। फीडिंग में कार्डों के छूट जाने से राशन कम मिल रहा है। ऐसे में उपभोक्ता उन पर दबाव बना रहे हैं। नतीजे में अब कोटा धारकों को इसे संशोधित करने के लिए पूर्ति विभाग की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले में खाद्यान्न योजना के राशन कार्डों और यूनिटों मेें गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही है। डाटा फीडिंग में हीलाहवाली की वजह से यह नौबत आई है। मंगलवार को काफी कोटेदारों को पूर्ति विभाग की दौड़ लगानी पड़ी। अमोड़ी के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता मोहन चंद्र के 4, दियूरी के ध्यान सिंह के 9, सेट्यूड़ा के चतुर सिंह के 11, डाबरी के हरीश चंद्र की सस्ते गल्ले की दुकान के 10 राशन कार्ड छूटे हैं। इसके अलावा यूनिटों में भी गड़बड़ी की शिकायतें मिली है। इन गल्ला विक्रेताओं का कहना है कि कार्डों और यूनिटों में खामी की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है और उनका राशन बांटना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने इसमें सुधार की गुहार लगाई है। इधर पूर्ति निरीक्षक प्रकाश सिंह फर्त्याल का कहना है कि ऑन लाइन डाटा फीडिंग में हुई खामियों को दूर किया जा रहा है। कोटेदारों और उपभोक्ताओं की दिक्कतों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।