दिव्यांगों व्यक्तियों को सरकारी कार्यालयों में पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए कलक्ट्रेट, विकास भवन में दो कार्यालयों में रैंपों का निर्माण किया गया है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्र में ट्राइसाइकिल का चलन न होने के कारण रैंप का प्रयोग करने वाले दिव्यांगों की संख्या कम है।
इसके बावजूद सरकारी मानकों को पूरा करने के लिए कलक्ट्रेट परिसर, विकास भवन में समाज कल्याण कार्यालय में दिव्यांगों के लिए रैंप बनवाए हैं। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा के अनुसार रैंप के निर्माण से अपने विभिन्न कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले दिव्यांगों को मदद मिलेगी। जिले में दिव्यांगों की संख्या तीन हजार के आसपास है, जिसमें से 2043 दिव्यांगों को समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
सभी मतदान केंद्रों में भी रैंप की व्यवस्था जरूरी
चंपावत। दिव्यांगों की सहायता के लिए सभी मतदान केंद्रों में भी रैंप की व्यवस्था अनिवार्य होती है। लोकसभा के चुनाव हो या विधानसभा चुनाव, पंचायती चुनाव हो या नगर निकाय के चुनाव, सभी में आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदान केंद्र में दिव्यांगों की सहायता के लिए रैंप का निर्माण किया जाना आवश्यक होता है।