कुमाऊंनी अंचल में रामलीला मंचन की परंपरा सदियों से चली आई है। अपने खास अंदाज और गायनशैली के कारण कुमाऊंनी रामलीला को दर्शकों की ओर से खूब पसंद किया जाता है। रामलीला मंचन में मझे हुए कलाकारों का अभिनय लोगों को इतना मंत्रमुग्ध कर देता है कि दर्शकों को हर बार एक किरदार विशेष में वही कलाकार पसंद आता है। ऐसे ही एक कलाकार हैं भिंगराड़ा निवासी प्रकाश चंद्र भट्ट। जो चालीस सालों से भिंगराड़ा की रामलीला में अंगद का किरदार निभाने का अनूठा रिकार्ड अपने नाम कर चुके हैं।
1970 में शुरू हुई पाटी विकासखंड स्थित भिंगराड़ा की रामलीला इस वर्ष 46वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और अंगद का किरदार निभाने वाले प्रकाश चंद्र भट्ट का पांव लगातार चार दशक से कोई हिला नहीं सका है। करीब 58 वर्षीय प्रकाश चंद्र भट्ट कहते हैं कि वर्तमान में रामलीला मंचन की परंपरा में लगातार बदलाव किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। कई स्थानों में तो रामलीला मंचन की महज औपचारिकता का निर्वहन किया जा रहा है। वर्तमान में टीवी और मोबाइल के दौर में रामलीला देखने वाले दर्शकों की संख्या घटती जा रही है।
लगता है जैसे प्रभु राम का कोई काम कर रहा हूं
कर्मकांडी पंडित प्रकाश चंद्र भट्ट का कहना है कि वह रामलीला के अतिरिक्त भी सामान्य दिनों में रामभक्ति में लीन रहते हैं। रामलीला मंचन के दौरान वह अपनी भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण समझते हैं। अभिनय करते समय उन्हें लगता है कि जैसे वह प्रभु राम का कोई कार्य कर रहे हैं।