रमक में होली भजन संध्या में होली गीत प्रस्तुत करते होल्यार।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। लधिया घाटी के प्रसिद्ध रमक के सूर्य मंदिर में हुई भजन संध्या में होली के रंग बिखरे। शनिवार देर रात तक हुए कार्यक्रम में कलश संगीत समिति के कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक भजनों का गायन किया। संजय जोशी ने रख लाज मोरी गणपति.. से भजन संध्या का शुभारंभ किया।
धरम सिंह अधिकारी ने सीताराम-सीताराम-सीताराम कहिए.. भजन पेश किया। डॉॅ. विनोद पाठक ने जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणी.., दिनेश बिष्ट ने हंस शोभित पाणि, उमापति जोशी ने मत कर मोह तू.., उमेश जोशी ने ए री मैं तो प्रेम दीवानी, नारायण दत्त जोशी ने भगवान मिलेंगे कभी न कभी.., प्रेमबल्लभ भट्ट ने कन्हैया तेरी गजब की मुरलिया... और संजय पांडेय ने मन लागो मेरो यार फकीरी में...और कन्हैया तेरी गजब की मुरलिया....भजन पेश किया। इसके अलावा रमेश चंद्र अटवाल, उमेश चंद्र, बृजमोहन जोशी आदि ने भी प्रस्तुति दी।