चंपावत। कांडा गांव के राजेंद्र ने साफ पानी को जीविका का आधार बना लिया। उन्होंने अपने लिए तो उद्यम खड़ा किया ही, अब दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
राजेंद्र कुमार वर्मा ने पहाड़ में ही कुछ बड़ा उद्यम करने की ठानी। शुरुआत में पूंजी से लेकर तकनीक तक कई चुनौतियां सामने आईं। उनके प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.40 करोड़ तय हुई। शुरुआत में तो ये लक्ष्य पहाड़ जैसा कठिन लगा लेकिन फिर उन्होंने उत्तराखंड सरकार की एमएसएमई नीति के तहत अपने प्रोजेक्ट के लिए अनुदान का आवेदन कर दिया।
राजेंद्र को पानी के प्रोजेक्ट के लिए उद्योग विभाग से 50 लाख की मदद मिली तो उनकी गाड़ी चल निकली। राजेंद्र ने ओके मिजू एल्कलाइन वाटर प्लांट की स्थापना की। इस प्लांट वर्तमान में प्रतिदिन 70 से 80 गैलन शुद्ध एल्कलाइन और आरओ वाटर का उत्पादन होता है। आरओ जल 60 रुपये प्रति गैलन, एल्कलाइन वाटर 100 रुपये प्रति गैलन की दर से चंपावत और लोहाघाट क्षेत्रों में बेचा जा रहा है। इससे चार स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है।
राजेंद्र बताते हैं कि एल्कलाइन वाटर का उपयोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप और वजन नियंत्रण समस्याओं के समाधान के लिए लाभकारी माना जाता है। यह गर्भवतियों के लिए भी उपयोगी होता है।