बारिश के बावजूद क्षेत्र में पानी के संकट बना हुआ है। जिला मुख्यालय में एक दिन छोड़कर भी पेयजल की आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है। हालात से निपटने के लिए जल संस्थान ने पिकअप की तादात बढ़ाने का निर्णय लिया है। वहीं अति संवेदनशील इलाकों में पानी की सप्लाई टैंकरों से की जा रही है।
चंपावत नगर में रोजाना औसतन 1600 किलोलीटर पानी की जरूरत है, मगर उपलब्धता 300 किलोलीटर से भी कम है। जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस थापा का कहना है कि जल स्रोतों में भारी गिरावट की वजह से पानी की उपलब्धता में कमी आ गई है। इस कारण नलों से हर रोज पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे निपटने के लिए दो टैंकरों के अलावा चार पिकअप दो से तीन तक फेरे लगा रहे है। कनलगांव, मांदली, पूल्ड हाउस इलाके में पानी का संकट बना हुआ है। विभाग का कहना है कि इन इलाकों में वाहनों से पानी की सप्लाई की जा रही है।
टैंकरों से बांटा जा रहा है पानी
क्षेत्र में में पेयजल किल्लत के मद्देनजर ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता द्वारा उपलब्ध कराए गए टैंकर के जरिए जलापूर्ति किए जाने से लोगों को काफी राहत मिली है। भीषण गर्मी के चलते जल स्रोतों में भारी कमी के आने से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। लंबा फासला तय करने के बाद भी एक बाल्टी पानी नसीब नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि ये प्रयास उनकी परेशानियों को कम करने में मददगार बना है। रविवार को पाटन-पाटनी और बाराकोट में पांच-पांच हजार लीटर पेयजल का वितरण किया गया। सोमवार को अभावग्रस्त पाटी बाजार में और मंगलवार को पुलहिंडोला में पेयजल का वितरण किया जाएगा। प्रमुख का कहना है कि अभावग्रस्त क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर लोगों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।