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Champawat News: चंपावत में 18 घंटे से अधिक समय तक हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Wed, 08 Apr 2026 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत के नायल गांव में बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा। स्रोत : किसान
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चंपावत। अप्रैल के महीने में मौसम की करवट परेशानी का सबब बन गई है। बारिश के कारण तापमान लुढ़कने से अप्रैल में दिसंबर जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। नगर में 18 घंटे से अधिक समय तक बारिश जारी रही। हालांकि बारिश से बागवानी के क्षेत्र में अधिक नुकसान की सूचना नहीं है लेकिन गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। बारिश से बालेश्वर, नागनाथ, छतार, गोरलचौड़ मार्ग आदि क्षेत्रों में नालियों का पानी सड़क पर बहने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बृहस्पतिवार को भी क्षेत्र में बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
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आपदा विभाग के अनुसार, चंपावत में पिछले 24 घंटे में 14.50 मिमी, लोहाघाट में 4.50, टनकपुर और बनबसा चार-चार मिमी जबकि पाटी में एक मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश के कारण बाजार सूने रहे। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों के बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। बता दें कि मंगलवार देर रात करीब 12 बजे से गरज के साथ शुरू हुई बारिश बुधवार को दिनभर जारी रही। बारिश के चलते सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हुई। सुबह घर से स्कूल और फिर स्कूल से घर लौटते समय कई बच्चे भीगे।
जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली ने बताया कि बारिश निर्धारित अवधि तक फायदेमंद है लेकिन अधिक बारिश नुकसानदायक है। गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। ओलावृष्टि और बारिश से फलों, आलू और मटर की खेती को नुकसान पहुंचा है। उसका आकलन किया जा रहा है। अधिक बारिश से फिलहाल बागवानी को नुकसान नहीं है।
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चंपावत में अप्रैल में भी सर्दी का अहसास, नहीं छूट रहा जैकेट साथ
नगर मुख्यालय में पिछले साल तक जहां लोग इस समय टीशर्ट और शर्ट में अपने दिन गुजार रहे थे, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का लुत्फ लेते थे। वहीं इस बार बुधवार 2026 में लोग ठंड से ठिठुरते दिख रहे हैं। बेमौसम की बारिश ने पारे को लुढ़का दिया है। ठंड के कारण कई क्षेत्रों में लोग सुबह से अलावा और हीटर के आगे बैठे दिख रहे हैं। बुधवार को नगर का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम की इस करवट के कारण पिछले कुछ दिनों से लोग जेकैट में ही नजर आ रहे हैं जबकि पिछले साल बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया था।

रुक-रुक कर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में बुधवार की सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश से हल्के गर्म कपड़े फिर निकल आए हैं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश के चलते किसानों को खेतों में तैयार गेहूं की फसल के खराब होने की चिंता सताने लगी है। आमबाग के किसान हरीश राजा ने बताया कि गेहू की तैयार फसल को इस बारिश से नुकसान पहुंचा है। अब फसल को सूखने के लिए तीन-चार दिन तेज धूप की जरूरत है। इधर, बनबसा में भी बारिश के कारण हल्की ठंड का अहसास हुआ। नगर का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। संवाद

टनकपुर में बारिश के बीच चार घंटे गुल रही बिजली

टनकपुर (चंपावत)। तेज हवा के साथ हुई बारिश से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। बुधवार सुबह से बारिश से लोकल फाॅल्ट आ गया। वहीं दोपहर में तेज हवा चलने से करीब 1:30 बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विभाग की टीम ने लाइन को चेक कर फाॅल्ट तलाश कर व्यवस्था सुचारु की। करीब चार घंटे तक बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एसडीओ मंयक भट्ट ने बताया कि लोहियाहेड से बनबसा तक आ रही मुख्य लाइन में दोपहर के समय तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ की टहनियां गिरने से फॉल्ट आ गए। विभागीय टीम ने करीब 3:30 बजे तक बनबसा क्षेत्र में फाॅल्ट ठीक कर आपूर्ति सुचारु की। इसके बाद बनबसा से टनकपुर के बीच भी लाइन पर जगह-जगह पेड़ की टहनियां गिरने से फाॅल्ट आ गए जिन्हें शाम करीब 4:45 बजे ठीक कर बिजली आपूर्ति सुचारु की गई।


पूर्णागिरि(चंपावत)। बेमौसम बारिश से पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में धर्मशाला संचालक जलभराव होने के कारण से परेशान हैं। भैरवा मंदिर के पास पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने और कॉज-वे बंद होने से पानी धर्मशालाओं की तरफ आ रहा है। धर्मशाला संचालक नेत्रबल्लभ तिवारी ने बताया कि करीब 15 धर्मशालाओं को खतरा पैदा हो गया है और पार्किंग स्थल पर भी जलभराव से खतरे पैदा हो गया है। पूर्व में मंदिर समिति और प्रधान पंकज तिवारी ने प्रशासन से इस समस्या को बताते हुए समाधान की गुहार लगाई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चिंता जताई कि अगर बारिश अधिक होती है तो खतरा और बढ़ जाएगा। संवाद
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