चंपावत। भारी बारिश के कारण खटोली मल्ली में ग्राम प्रधान उत्तम सिंह का आवासीय मकान बाल-बाल बच गया। अचानक ही मकान के ऊपर से बरसाती नाले की बाढ़ आने से परिवार बाल-बाल बच गया। ग्राम प्रधान के परिवार ने गांव में ही दूसरे मकान में शरण ले ली है। दूसरी ओर भारी बारिश के कारण क्षेत्र में कई स्थानों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नए-नए स्थानों से जलस्रोत फूटने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चंपावत। घटिया निर्माण, भारी बारिश के पानी के दबाव के कारण क्वैराला नदी में एक निर्माणाधीन पुलिया भी ध्वस्त हो गई। पीएमजीएसवाई की ओर से अमोड़ी-खटोली सड़क पूरी होने से पूर्व ही कई जगह से ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर घटिया निर्माण कार्य करने का आरोप लगाया है।
बनबसा (चंपावत)। तीन दिनों से हो रही वर्षा से लोगों जीवन खासा प्रभावित हुआ है। किसानों ने सांस ली है। किसानों ने वर्षा को धान की रोपाई के लिए वरदान बताया है। उधर, जगह-जगह जल भराव से लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा है।
फागपुर, चंदनी, आनंदपुर, बमनपुरी, मीनाबाजार, पचपकरिया, देशीफार्म आदि गांव में जगह- जगह कीचड़ और जलभराव से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। देवीपुरा में जलभराव से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। धर्मशाला मार्ग में जलभराव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
बनबसा (चंपावत)। हुड्डीनदी उफान में बहने से जगबूड़ा पुल के समीप निर्माणाधीन नए पुल की निर्माण सामग्री हुड्डीनदी की भेंट चढ़ गई। काफी सामान बह गया। नदी का पानी कम होने के बाद एनएचएआई की निर्माण कार्यदाई संस्था अपना सामान बीनने के काम में जुटी रही। एक क्रेन भी नदी में फंस गई।