लोहाघाट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस द्वारा मंगलवार को किए गए दो चोरियों के खुलासे पर व्यापारियों ने सवाल उठाया है। उद्योग व्यापार मंडल ने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में व्यापारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच न कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर सुनार राकेश वर्मा का कहना है कि जो सामान पुलिस द्वारा चोर से बरामद किया है, वह उनकी दुकान का नहीं है।
बुधवार को उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष भैरव राय, राजू गड़कोटी, गोविंद वर्मा, प्रकाश जोशी के नेतृत्व में उप जिला मजिस्ट्रेट आरसी गौतम को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि अक्तूबर में हुई चोरियों के आरोप में एक नेपाली व्यक्ति को पकड़ा गया है। लेकिन आरोपी से बरामद सामान संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
व्यापारी और जन प्रतिनिधि उक्त बरामदगी से संतुष्ट नहीं हैं। व्यापारियों का कहना है कि मामले की गहनता से यदि जांच नहीं की जाती है, तो भविष्य में और घटनाएं बढ़ेगी। आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के साथ पूरी विवेचना गहनता से कराई जाए। साथ ही चोरी का सारा सामान बरामद कराया जाए। मामले की जांच नहीं कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। शिक्षक चंद्रभानु गहतोड़ी का कहना है कि अगर पुलिस ने चोर को वास्तव में पकड़ लिया है तो उनका चोरी हुआ हार भी बरामद होना चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
लोहाघाट (चंपावत)। नगर क्षेत्र में सुनार और शिक्षक के घर से चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बिशन तिवारी को बुधवार को चंपावत स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में दिया।