लोहाघाट में गुमदेश क्षेत्र में गौरा गायन करते लोग। स्रोत: आयोजक
लोहाघाट (चंपावत)। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। गुमदेश क्षेत्र के जाख जिंडी, सुनुकुरी, निडिल, विविल, डुंगरा लेटी, जमरसों, जुजरी, गंगनौला के अलावा कोलीढेक, बाराकोट ब्लाॅक के नौमाना गांवों में गौरा गायन किया जा रहा है।
जिंडी गांव में गौरा महोत्सव स्थल पर महिलाओं और पुरुषों ने रानी कुंती जप में बसी इन्द्र को करि हालो ध्यान मांगी हालो पूत को बर, गांधारी अपूती रैछ तैका लगै मांगी दिय पूत, पांडू राजा बोलन लाग्या, सुन कुंती सुन मेरी बात तेरा हैग्या तीन पूत पैदा आदि मंगल गीतों का गायन किया। पुरुषों ने भी झोड़े, झुमटों व गौरा धुमारी, चाली का गायन किया। पंडित मदन कलौनी ने पूजा अर्चना संपन्न कराई। वहां देवी चरण, गुमान राम, जोगा राम, धरम चंद, पुष्कर चंद, तारा चंद, बेनी राम, पुष्पा कलौनी आदि मौजूद रहे। कोलीढेक में नम आखों के साथ गौरा को विदाई दी गई।