चार जुलाई से बंंद बाटनाागड़ खुलने के बाद निकलती पहली जीप। संवाद
पूर्णागिरि धाम/चंपावत। पूरे 17 दिन के इंतजार के बाद टनकपुर-पूर्णागिरि सड़क खुल गई है। टनकपुर की एसडीएम सुंदर सिंह और तहसीलदार पिंकी आर्या की कार शुक्रवार शाम 6:05 बजे सबसे पहले निकली। टनकपुर से आठ किमी दूर बाटनागाड़ पर चार जुलाई तड़के से आए भारी मलबे से यह सड़क बंद थी। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि सड़क खुलने से आम लोगों की तो आवाजाही सुचारु हो गई है। अब शनिवार से तीर्थयात्री पूर्णागिरि के दर्शन भी कर सकेंगे।
डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि बाटनागाड़ में 375 मीटर लंबे क्षेत्र के काफी बड़े हिस्से में पहाड़ी से छह मीटर ऊंचाई तक मलबा आ गया था। लगातार बारिश और पहाड़ी से मलबा आने से सड़क खोलना लगातार चुनौती बना रहा। मौसम में थोड़ा सुधार होने के बाद तीन दिन से तीन मशीन के जरिये दिन, रात काम हुआ। टनकपुर के एसडीएम और उनकी टीम रात को भी बाटनागाड़ स्थल पर मुआयना करती रही। लोनिवि की एएई तनुजा देव लगातार मौके पर डटी रही।
आखिरकार शुक्रवार शाम 6:05 बजे रास्ता खुल गया। सड़क खुलने से पूर्णागिरि धाम समेत चूका और अन्य सीमांत गांवों के लोगों को भी राहत मिल गई है। हालांकि चंपावत में मात्र एक मिमी बारिश हुई। इसके बावजूद चंपावत जिले में लड़ाबोरा-क्वारसिंह, अमोड़ी-छतकोट और जैगांव-जैतोली सड़क पर यातायात बाधित है।