मां श्री पूर्णागिरि धाम में पेयजल समस्या का सामना कर रहे धाम के पुजारियों और व्यापारियों का शिष्टमंडल जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना से मिला। उन्होंने धाम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कराकर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की। इसके अलावा पानी की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर भी मंथन किया।
बरसात में पूर्णागिरि धाम की पेयजल लाइनें बुरी क्षतिग्रस्त हुई हैं। चार माह से पुजारी, व्यापारी और श्रद्धालु पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं। बुधवार को पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय और मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी के नेतृत्व में जलसंस्थान कार्यालय पहुंचे शिष्टमंडल ने ईई के समक्ष पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। वहां मौजूद एई प्रेमजी श्रीवास्तव एवं जेई बीएस कुवार्बी बताया कि लाइनों को दुरुस्त कराने के लिए सामग्री पूर्णागिरि भेज दी गई है। भवानीगाड़ और ठुंगागाड़ योजना की लाइनों को दुरुस्त कराकर जलापूर्ति सुचारु करा दी जाएगी। शिष्टमंडल में गिरीश पांडेय, लालमनी पांडेय, दिनेश पांडेय, जगदीश पांडेय, नेत्र बल्लभ तिवारी आदि शामिल थे।
मां पूर्णागिरि धाम में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। ठुलीगाड़ के पास शारदा नदी से दो सौ मीटर पहले स्थायी जलस्रोत से काली मंदिर तक पानी लिफ्ट करने की योजना विचाराधीन है। योजना को मंजूरी मिली तो पानी की समस्या दूर हो जाएगी। -विशाल कुमार सक्सेना, ईई, जल संस्थान